भागलपुर
बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के मकान किराया भत्ता (HRA) के भुगतान में चल रहे बड़े खेल को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाया है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने एचआरए वितरण में बड़े पैमाने पर हो रही वित्तीय अनियमितताओं को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए भागलपुर समेत सूबे के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को कड़ा निर्देश जारी किया है। नए आदेश के तहत अब सभी जिलों में संचालित हो रहे विद्यालयों की वास्तविक भौगोलिक स्थिति के आधार पर उनकी श्रेणियों (कैटेगिरी) का नए सिरे से पुन: निर्धारण कर उसे सीधे विभागीय पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा।
वर्गीकृत शहरों की 8 किलोमीटर सीमा के भीतर वालों को ही मिलेगा बढ़ा हुआ
HRA
विभाग द्वारा जारी किए गए नए आधिकारिक पत्र में साफ तौर पर स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं स्कूल कर्मियों को बढ़ी हुई दर से मकान किराया भत्ता दिया जाएगा, जिनका विद्यालय वर्गीकृत शहर की नगरपालिका सीमा से 8 किलोमीटर के दायरे में स्थित है। समीक्षा के दौरान निदेशालय के सामने यह बात आई कि कई अवर्गीकृत (गैर-मान्यता प्राप्त) शहरों की आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों को भी गलत तरीके से ऊंचे भत्ते का लाभ अवैध रूप से दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को मौजूदा सेवा नियमावली के सख्त खिलाफ और नियमों का खुला उल्लंघन बताते हुए ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में तत्काल प्रभाव से सुधार करने और गलत भुगतान पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
भौगोलिक स्थिति के आधार पर स्कूल होंगे वर्ग-Y, वर्ग-Z और ग्रामीण श्रेणी में चिन्हित
नए शासनादेश के मुताबिक अब सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को खुद जिम्मेदारी लेते हुए जिले के एक-एक विद्यालय के वास्तविक भौगोलिक स्थान का ऑन-ग्राउंड भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना होगा। जांच के बाद सभी स्कूलों को उनकी सही लोकेशन के अनुसार 'वर्ग-वाई' (Class-Y), 'वर्ग-जेड' (Class-Z), 'अवर्गीकृत शहर' अथवा पूरी तरह से 'ग्रामीण क्षेत्र' की सटीक श्रेणी में ही डिजिटल पोर्टल पर चिन्हित किया जाएगा। पोर्टल पर इस आधिकारिक कैटेगिरी के पूरी तरह लॉक होने के बाद ही भविष्य में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के मासिक आवास भत्ते की वास्तविक देयता का निर्धारण ऑटोमैटिक तरीके से तय किया जाएगा।
गलत तरीके से HRA उठाने वाले शिक्षकों से होगी पाई-पाई की रिकवरी
निदेशालय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि पूर्व में किसी भी स्तर पर या बाबू की मिलीभगत से किसी स्कूल को गलत श्रेणी में डालकर अवैध रूप से अधिक भत्ता स्वीकृत किया गया है, तो उसे तुरंत सुधारा जाए। विभाग ने ऐसे मामलों में नियमों के विरुद्ध भुगतान की गई अतिरिक्त राशि की पाई-पाई वसूल (रिकवरी) करने और संबंधित दोषी कर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस नए आदेश के बाद भागलपुर समेत पूरे बिहार के हजारों शिक्षकों के वेतन और मिलने वाले भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।



