गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने ग्राम पंचायत सचिव किशन राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सचिव पर शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही, नियमों की अनदेखी, सरकारी आदेशों की अवहेलना और राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त रहने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया कई आरोप सही पाए गए। जांच में सामने आया कि सचिव ने शासकीय प्राथमिक शाला भवन के ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण कार्य में नियमों का पालन नहीं किया। इसके अलावा मनरेगा कार्यों में मशीनों का अवैध उपयोग, शासकीय संपत्ति का अनुचित इस्तेमाल, न्यायालय और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी तथा शासकीय सेवक होते हुए राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी जैसे मामले भी सामने आए।
इन आरोपों को लेकर प्रशासन ने पहले सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान किशन राठौर का मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले में प्रशासनिक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने ग्राम पंचायत सचिव किशन राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सचिव पर शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही, नियमों की अनदेखी, सरकारी आदेशों की अवहेलना और राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त रहने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया कई आरोप सही पाए गए। जांच में सामने आया कि सचिव ने शासकीय प्राथमिक शाला भवन के ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण कार्य में नियमों का पालन नहीं किया। इसके अलावा मनरेगा कार्यों में मशीनों का अवैध उपयोग, शासकीय संपत्ति का अनुचित इस्तेमाल, न्यायालय और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी तथा शासकीय सेवक होते हुए राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी जैसे मामले भी सामने आए।
इन आरोपों को लेकर प्रशासन ने पहले सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान किशन राठौर का मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।




