रायपुर। छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं के कारोबार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एंटीबायोटिक के नाम पर संदिग्ध पाउडर सप्लाई किया जा रहा था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की लंबी जांच के बाद इस मामले में इंदौर समेत भाटापारा और सारंगढ़ से जुड़े तीन दवा कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मामले की शुरुआत दिसंबर में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में मिली संदिग्ध दवाओं से हुई थी। जांच में सामने आया कि जिन एंटीबायोटिक दवाओं की सप्लाई की गई थी, वे असल में केवल एक साधारण पाउडर थीं। पैकेजिंग पर जिस कंपनी का नाम लिखा था, वह अस्तित्व में ही नहीं है।
जांच एजेंसियों ने दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसमें यह पाया गया कि दवा की सप्लाई इंदौर के एक होलसेलर से करवाई गई थी, जिसे स्थानीय स्तर पर भाटापारा और सारंगढ़ के कारोबारियों के माध्यम से मंगाया गया था।
टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जाकर पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद पुलिस की मदद से सबूत जुटाए गए और आरोपियों को गिरफ्तार कर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह राज्य में नकली दवाओं से जुड़ा तीसरा बड़ा मामला है। इससे पहले भी अलग-अलग जिलों में नकली कफ सिरप और क्रीम के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।
इस पूरे प्रकरण में जांच टीम को कई तरह के दबावों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक अधिकारी पर संदिग्ध गतिविधियों के चलते कार्रवाई भी की गई थी। इसके बावजूद टीम ने जांच पूरी कर आरोपियों तक पहुंच बनाई, जिससे नकली दवा कारोबार के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है।



