अंबाला.
हरियाणा के अंबाला शहर के पास धूलकोट गांव में रविवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने से चार लोगों की मौत हो गई जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हादसा शाम से ठीक पहले हुआ, जब इमारत का निर्माण कार्य जारी था.
अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को हादसे की जानकारी दी गई. एक घायल मजदूर ने बताया कि कुछ मजदूर ग्राउंड फ्लोर पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य ऊपर निर्माण कार्य में लगे थे. अंबाला की सिविल सर्जन रेणु बेरी ने संवाददाताओं को बताया कि 12 घायल मजदूरों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से पांच का अभी इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया, ‘‘शाम को चार लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था. उनके शवों को शवगृह में रखवा दिया गया है.'' हालांकि, न्यूज एजेंसी ने सोमवार सुबह बताया कि हादसे में मरने वालों की तादाद बढ़कर 6 हो गई है. सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने शाम को संवाददाताओं से बातचीत में घटना में चार लोगों की मौत होने की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीम राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या मलबे के नीचे और लोग फंसे हैं, पुलिस अधीक्षक ने कहा, "दो-तीन लोगों का पता लगा लिया गया है और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है."
मौके पर मौजूद थे 25 मजदूर…
अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब अंबाला के एक जाने-माने बिजनेसमैन और प्रॉपर्टी डीलर की तीन मंजिला इमारत की छत के लिए कंक्रीट स्लैब (लिंटल) डाली जा रही थी. घटना के वक्त साइट पर करीब 25 मजदूर मौजूद थे. इनमें से करीब 15 मजदूर तीसरी मंजिल पर लिंटल डालने का काम कर रहे थे, जबकि बाकी ग्राउंड फ्लोर पर थे. इसी दौरान इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए. अंबाला शहर के नागरिक हॉस्पिटल के सीएमओ रेनू पांजनी ने कहा, "हादसे की जानकारी मिलते ही अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत मौके पर पहुंचे और हादसे का जायजा लिया. मीडिया से बातचीत में एसपी ने बताया कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 से 14 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है. सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं और पूरा जिला प्रशासन मदद में जुटा हुआ है, जिससे मलबे में फंसे किसी भी मजदूर को बचाया जा सके."
बिल्डिंग अवैध तो नहीं थी?
अंबाला एसपी ने कहा कि यह निर्माणाधीन बिल्डिंग थी, इसके मालिक और अन्य जानकारियां रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद जांच में सामने आएंगी. इस हादसे में मौतें और घायल दोनों हुए हैं, इसलिए इसमें लीगल एक्शन जरूर लिया जाएगा. चाहे यह अवैध निर्माण हो या फिर निर्माण में लापरवाही बरती गई हो, हर एंगल से जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाले ज्यादातर मजदूर जंडली और आसपास के रहने वाले हैं, कुछ प्रवासी मजदूर भी हो सकते हैं. अवैध निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि नगर निगम अंबाला से बिल्डिंग का नक्शा लेकर जांच की जाएगी कि नक्शा पास था या नहीं.



