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दिल्ली में घर बनाना हुआ सस्ता, IFC चार्ज में 70% तक कटौती

नई दिल्ली

राजधानी दिल्ली में अब घर बनाना सस्ता हो जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घर बनाने के दौरान पानी और सीवर पर लगने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) को 70 प्रतिशत तक घटाने का शुक्रवार को फैसला किया। यह चार्ज सिर्फ घर के निर्माण वाले हिस्से और पानी की वास्तविक मांग पर लिया जाएगा। पहले IFC चार्ज प्लॉट के आकार पर लगता था। इसमें पार्किंग जैसी खुली जगह (नॉन FAR) भी शामिल की जाती थी। यानी प्लॉट बड़ा तो यह चार्ज ज्यादा देना पड़ता था।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि IFC चार्ज अब नई निर्माण परियोजनाओं या किसी संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण पर ही लागू होगा। जिन रिडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स में पानी की मांग नहीं बढ़ती, उन पर यह चार्ज नहीं लगेगा। सीएम ने कहा कि A-B कैटिगरी की कॉलोनियों में इन्फ्रा चार्ज में 59% की कमी की गई है। ई, एफ कैटिगरी में 50% और G-H कैटिगरी में 70% की कमी की गई है।

दिल्ली में घर बनाने की मुख्य बातें
अब प्लॉट के आकार के हिसाब से नहीं देना होगा चार्ज
जितने में कंस्ट्रक्शन, उतने पर ही IFC लगेगा

इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज क्या होता है?
 घर, फ्लैट, या व्यावसायिक इमारत बनाने (या खरीदने) पर बिल्डर/अथॉरिटी द्वारा एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज ( EDC ) और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट चार्ज (IDC) वसूला जाता है
इसका उपयोग कॉलोनी या क्षेत्र में बाहर की मुख्य सड़कें, पार्क, और सीवरेज सिस्टम जैसी सुविधाएं देने के लिए किया जाता है।
 जब आप किसी नए या बड़े प्लॉट पर पानी और सीवर का नया कनेक्शन लेते हैं, तो संबंधित जल बोर्ड (जैसे दिल्ली जल बोर्ड) द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर शुल्क लगाया जाता है।
इसके अलावा, सार्वजनिक या निजी स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा (चार्जिंग स्टेशन का सेटअप) से जुड़े शुल्क को भी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज कहा जाता है।

 

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