मध्य्प्रदेश

पदक उत्कृष्ट सेवाओं की पहचान और भावी जिम्मेदारियों का प्रतीक : राज्यपाल पटेल

भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पुलिस, प्रशासन, शिक्षण संस्थाओं, अभिभावकों और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही नशामुक्त और स्वस्थ युवा शक्ति का निर्माण संभव है। उन्होंने पुलिस द्वारा सहरिया, भारिया और बैगा बटालियन के निर्माण के प्रयासों को वंचित समाज के उत्थान प्रयासों में सराहनीय कदम बताया है।

राज्यपाल  पटेल पुलिस, नगर सेवा और नागरिक सुरक्षा के पदक प्राप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भेंट कार्यक्रम को लोकभवन में रविवार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति महोदय का विशिष्ट सेवा पुलिस पदक, राष्ट्रपति महोदय का सराहनीय सेवा पुलिस पदक, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक और सराहनीय सेवा पदक से अलंकृत अधिकारी-कर्मचारियों से परिचय कराया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, महानिदेशक जेल डॉ. वरुण कपूर, राज्यपाल के उप सचिव  सुनील दुबे मौजूद थे।

पदक विजेताओं का आचरण भावी पुलिसकर्मियों के लिए बने आदर्श : राज्यपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रदेश पुलिस के उन सभी कर्मवीरों का अभिनंदन है, जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और विशिष्ट सेवाओं से मध्यप्रदेश पुलिस और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने पदक प्राप्त करने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस तथा राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। राज्यपाल ने कहा कि वर्दी पर सुशोभित पदक केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि उस सेवा काल की गौरवपूर्ण कहानी हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों ने अनेक कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ सामना किया। यह सम्मान उन अनगिनत क्षणों की पहचान है, जब उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि मध्यप्रदेश पुलिस बदलती चुनौतियों के अनुरूप अपनी कार्यशैली में निरंतर परिवर्तन और नवाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि आज अपराध भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़कर डिजिटल माध्यमों तक पहुँच गया है। साइबर ठगी, डिजिटल फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध और ऑनलाइन शोषण जैसी चुनौतियाँ नई सतर्कता की मांग करती हैं। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और ऑनलाइन सावधानी के प्रति नागरिकों, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस के ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान की सराहना की। राज्यपाल ने सृजन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे अभियानों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को पुलिसिंग से जोड़ने के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ स्वस्थ, जागरूक और सशक्त युवा निर्माण की दिशा में प्रेरक पहल है। युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखना सुरक्षित भविष्य की नींव मजबूत करना है। राज्यपाल ने कहा कि पदक उपलब्धि के साथ समाज की बढ़ती अपेक्षाओं और भावी जिम्मेदारियों का भी प्रतीक हैं। पदक विजेताओं का आचरण और कार्यशैली आने वाले पुलिसकर्मियों के लिए आदर्श होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पदक प्राप्तकर्ता अपने अनुभव, दक्षता और सेवा भावना से मध्यप्रदेश पुलिस को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में योगदान देते रहेंगे।

नशामुक्त समाज के लिए जागरूकता और जनभागीदारी जरूरी : राज्यपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और भविष्य को अंधकारमय कर देता है। विशेष रूप से गरीब परिवारों के लिए नशे की लत आर्थिक और सामाजिक संकट को और गंभीर बना देती है। उन्होंने कहा कि व्यसन की शुरुआत अक्सर कम उम्र में होती है, इसलिए नशे के विरुद्ध प्रयास भी बचपन से ही शुरू किए जाने आवश्यक हैं। बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली के लिए प्रेरित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्ति अभियान के पहले ही दिन एक करोड़ परिवार इससे जुड़े, जो नशे के विरुद्ध जनभागीदारी और जागरूकता की व्यापक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष तक चलने वाले इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक रविवार को समर्पण भाव से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि यदि 10 करोड़ व्यक्तियों को नशामुक्त करने में सफलता मिलती है, तो उनके परिवारों और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से करीब 50 करोड़ आबादी को नशे की बुराई से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।

विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज वास्तव ने कार्यक्रम के आयोजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए द्वि-स्तरीय प्रयास किए जा रहे हैं। अपराधी के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई और समाज में जागरूकता का संचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साईबर सुरक्षा की पहली दीवार समाज का जागरूक होना है। पुलिस विभाग में बल की कमी दूर करने के लिए भर्ती अभियान जारी है। पुलिस के 14 हजार से अधिक पदों पर चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हाल ही में 9 हजार से अधिक नए पदों पर भर्ती को मंजूरी मिल चुकी है। खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही तीन नई राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की बटालियन भी बनाई जाएगी। मध्यप्रदेश पुलिस सिंहस्थ – 2028 में आधुनिक सुरक्षा मॉडल को पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशेष सशस्त्र बल  चंचल शेखर ने आभार माना।

पदक अलंकृत पुलिस एवं होमगार्ड के अधिकारी-कर्मचारी

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के पुलिस एवं नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा विभाग के कुल 47 अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट, विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए विभिन्न पदकों से सम्मानित किया गया है। इनमें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए मरणोपरांत जिला मंदसौर के स्वर्गीय  मनोहर सिंह चौहान तथा सहायक उप निरीक्षक, जिला दमोह के  राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा शामिल हैं। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से महानिदेशक, लोकायुक्त, मध्यप्रदेश  योगेश देशमुख; पुलिस महानिरीक्षक, बीएसएफ, नई दिल्ली  मकरन्द देऊस्कर; अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन  राकेश गुप्ता; पुलिस आयुक्त, इंदौर  संतोष कुमार सिंह; पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन  मिथिलेश कुमार शुक्ला; उप पुलिस महानिरीक्षक, कल्याण/लेखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल  अवधेश कुमार गोस्वामी; निरीक्षक, विशेष शाखा, इंदौर (सेवानिवृत्त)  शिवकुमार पटेल; प्रधान आरक्षक, 25वीं वाहिनी विसबल, भोपाल  वाल्टर हेनरी एक्का तथा प्रधान आरक्षक (आर्म्स), 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल  देवेन्द्र कुमार कौशल को सम्मानित किया गया है। इसी प्रकार सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से पुलिस महानिरीक्षक/विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, गृह विभाग, मध्यप्रदेश मती कृष्णावेणी देशावतु; उप पुलिस महानिरीक्षक/कमांडेंट, आरएपीटीसी, इंदौर  धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया; उप पुलिस महानिरीक्षक, छतरपुर  विजय कुमार खत्री; उप पुलिस महानिरीक्षक, चयन/भर्ती, पुलिस मुख्यालय, भोपाल  मनोज कुमार राय; जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर  गीतेश कुमार गर्ग; अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय, इंदौर मती सीमा अलावा; अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला छिंदवाड़ा  आशीष खरे; पुलिस अधीक्षक, साइबर मुख्यालय, भोपाल  रूपेश कुमार द्विवेदी; सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल  नीरज पाण्डेय; पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त, सागर  दुर्गेश कुमार राठौर; पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त, इंदौर डॉ. राजेश सहाय; पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, जबलपुर  एलरिज विनसेन्ट सिंह; उप पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू, भोपाल  दिनेश कुमार सिंह; उप पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त, भोपाल  वीरेन्द्र सिंह; उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस, मुख्यालय, भोपाल  संजय सिंह ठाकुर; उप पुलिस अधीक्षक, एससीआरबी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल मती निधि वास्तव; उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, उज्जैन जोन मती मनीता राय; उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल  राजू गुराने; निरीक्षक (रेडियो), सीहोर  मनोज कुमार दुबे; निरीक्षक (एम), पुलिस आयुक्त कार्यालय, इंदौर  प्रवीण सिंह; निरीक्षक, ईओडब्ल्यू, जबलपुर  राजेन्द्र प्रसाद; निरीक्षक (अ), आरएपीटीसी, इंदौर (सेवानिवृत्त)  प्रवीण पंवार; निरीक्षक (अ), निज सचिव टू डीजीपी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल  कुंजेश वास्तव; निरीक्षक, जिला पुलिस बल, शाजापुर  प्रेमकिशोर व्यास; उप निरीक्षक, 25वीं वाहिनी विसबल, भोपाल  उमराव प्रसाद जाटव; उप निरीक्षक, जिला इंदौर  संतोष मेहरा; उप निरीक्षक, ईओडब्ल्यू, उज्जैन  अशोक राव सावंत; उप निरीक्षक, पीटीसी, इंदौर  महेन्द्र सिंह नेगी; सहायक उप निरीक्षक, जिला छिंदवाड़ा (सेवानिवृत्त)  राजेन्द्र कुमार दुबे; प्रधान आरक्षक, 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल  राम मिश्रा; प्रधान आरक्षक, महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल  कल्याण सिंह; प्रधान आरक्षक, 10वीं वाहिनी विसबल, सागर  सुशील कुमार चौबे तथा प्रधान आरक्षक, लोकायुक्त, भोपाल  रवीन्द्र मिश्रा शामिल है। वहीं नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा के अंतर्गत सराहनीय सेवा पदक से स्वयंसेवी लांस नायक, क्रमांक-45, जिला शाजापुर  संतोष कुमार शुक्ला; स्वयंसेवी सीक्यूएम, क्रमांक-57, जिला उज्जैन  सुनील कुमार जैन तथा स्वयंसेवी नायक, क्रमांक-35, जिला इंदौर  नरेन्द्र अवस्थी शामिल है।
            

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