भोपाल
मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वल्लभ भवन स्थित कक्ष क्रमांक एफ-326 में “श्रम साथी कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, भोपाल के प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि श्रम कानूनों की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचना आवश्यक है। उच्च शिक्षा विभाग और श्रम विभाग मिलकर विद्यार्थियों के माध्यम से उद्यमियों, दुकानदारों तथा आम नागरिकों को श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।
श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक हितों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए श्रम स्टार रेटिंग योजना प्रारंभ की है और इस अभिनव पहल को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत उद्यमी एवं दुकानदार अपने पंजीयन क्रमांक के माध्यम से ऑनलाइन लिंक पर 10 प्रश्नों के उत्तर देकर स्टार रेटिंग प्राप्त कर सकेंगे। यह रेटिंग श्रम कानूनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।
विद्यार्थियों को पहचान पत्र प्रदान करेगा श्रम विभाग
कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों ने “श्रम साथी” के रूप में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह दिखाया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर उद्यमियों और दुकानदारों को श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से जुड़े विद्यार्थियों को श्रम विभाग के लोगोयुक्त टी-शर्ट, श्रम साथी पहचान पत्र तथा संबंधित महाविद्यालय के नाम आधिकारिक पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से जनजागरूकता अभियान चला सकें।
कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने एवं रेटिंग प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिसमें अभियान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां साझा की जाएंगी।



