रायपुर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। रायपुर के सड्डू और खरोरा स्थित दो फैक्ट्रियों में टीम ने महिला बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर मोजो मशरूम और बिस्किट फैक्ट्री में सोमवार दोपहर छापेमारी की। इस दौरान कई नाबालिग लड़के-लड़कियां काम करते मिले। जिसके बाद सभी का रेस्क्यू कर प्रशासन को सौंप दिया गया है। रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिगों को अलग-अलग इलाकों के सेंटर में रखा गया है।
97 मजदूरों को पहले किया गया था रेस्क्यू
पहले भी इसी साल जुलाई के महीने में टीम को खरोरा के मोजो फैक्ट्री में नाबालिगों से मजदूरी कराने और पेमेंट नहीं देने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम ने छापेमारी कर 97 मजदूरों का रेस्क्यू किया था। श्रम विभाग की टीम ने सभी मजदूरों को बकाया दिलाकर उनके घर भेज दिया था। इसके बाद मामला शांत हो गया था और किसी भी तरह कि FIR दर्ज नहीं की गई।
अभी 109 नाबालिग लड़के-लड़कियों का किया गया रेस्क्यू
टीम ने जब महिला बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में फैक्ट्री का निरीक्षण किया तो 109 नाबालिग लड़के-लड़कियां काम करते मिले, जिनमें 68 लड़कियां और 41 लड़के शामिल है। इनमें से ज्यादातर नाबालिग बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। फिलहाल सभी का रेस्क्यू कर उन्हें अलग-अलग इलाकों के सेंटर में रखा गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दोनों फैक्ट्रीयों को तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।



