रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए व्याख्याताओं और प्रशिक्षकों के व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। संचालनालय तकनीकी शिक्षा के अधीन कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और सभी स्थानांतरण आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगे।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पदस्थ व्याख्याताओं और प्रशिक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। स्थानांतरण सूची में प्रदेश के कई जिलों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, आवश्यकतानुसार मानव संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने तथा प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण के साथ-साथ रिक्त पदों वाले संस्थानों में आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान पदस्थापना स्थल से कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। संबंधित संस्थानों के प्रमुखों को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और कार्यभार का हस्तांतरण नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर प्रशासनिक पुनर्गठन किया जाता है। इसी क्रम में यह स्थानांतरण सूची जारी की गई है, जिससे संस्थानों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का संचालन अधिक सुचारु रूप से किया जा सके।
स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद संबंधित व्याख्याताओं और प्रशिक्षकों में नई पदस्थापना को लेकर हलचल तेज हो गई है। कई अधिकारी जल्द ही अपने नए कार्यस्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों से निर्देशों का पालन करते हुए समय पर नई पदस्थापना स्थल पर उपस्थित होने को कहा है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि इस प्रशासनिक बदलाव से तकनीकी शिक्षा संस्थानों में कार्यकुशलता बढ़ेगी, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी तथा कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।



