रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की मोनिका बघेल को केंद्र सरकार की पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत 10 लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की गई। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने मोनिका को प्रतीकात्मक डेमो चेक भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कोविड में माता-पिता खोने वाले बच्चों के लिए योजना
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत 29 मई 2021 को की गई थी। इसका उद्देश्य कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक को खोने वाले बच्चों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना के तहत पात्र बच्चों के नाम पर 10 लाख रुपये का कॉर्पस फंड तैयार किया जाता है। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद 23 वर्ष की उम्र तक उन्हें मासिक वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपना भविष्य संवार सकें।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा की भी व्यवस्था
इस योजना में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। पात्र बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है। इसके अलावा स्कूली और उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय एवं शैक्षणिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है।
अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा गया डेमो चेक
मोनिका बघेल को सहायता राशि मिलने के अवसर पर जिला कलेक्टर ने उन्हें प्रतीकात्मक डेमो चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सहित मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के अधिकारी-कर्मचारी तथा मोनिका के संरक्षक उपस्थित रहे।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के माध्यम से मोनिका को मिली यह आर्थिक सहायता उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



