छत्तीसगढ़

राज्योत्सव 2026 में शिल्पग्राम बना आकर्षण का केंद्र, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिख रही झलक..

रायपुर, 2 नवंबर 2026। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में शिल्पग्राम की आकर्षक साज-सज्जा और स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद लोगों को खूब लुभा रहे हैं। धातु से बनी कलाकृतियां, मिट्टी और लकड़ी की कारीगरी, सिल्क एवं पारंपरिक कपड़ों के उत्पादों से सजा शिल्पग्राम छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश कर रहा है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के संदेश को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।

शिल्पग्राम में हथकरघा उत्पादों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां साड़ियों, शर्ट, परिधानों और घरों की सजावट के लिए विभिन्न उत्पादों की आकर्षक श्रृंखला उपलब्ध है। स्थानीय कारीगरों की मेहनत और पारंपरिक शिल्पकला से तैयार ये उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

कोशल फैब ब्रांड बना आकर्षण

शिल्पग्राम में कोशल फैब का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ब्रांड के प्रतिनिधि रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अगस्त महीने में छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड कोशल फैब की लॉन्चिंग की थी। इस अवसर पर इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी शुरू किया गया था, जिससे नवाचार और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिल सके।

‘लूम टू लग्जरी’ की अवधारणा पर आधारित यह ब्रांड छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय बुनकरों और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।

बस्तर की कलाकृतियां और पारंपरिक कला बनीं आकर्षण

शिल्पग्राम में बस्तर की विशिष्ट कलाकृतियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र हैं। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की लोककलाओं और परंपराओं को विभिन्न कलाकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। झारा आर्ट और वैक्स तकनीक से तैयार शिल्प को लेकर दर्शकों में विशेष जिज्ञासा देखी जा रही है।

सेल्फी पॉइंट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई रौनक

शिल्पग्राम में दर्शकों के लिए आकर्षक सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया है, जहां लोग तस्वीरें लेते नजर आ रहे हैं। वहीं, राज्योत्सव के मुख्य मंच के सामने बनाए गए शिल्पग्राम के मंच पर स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं और पूरे परिसर में उत्साह एवं उल्लास का माहौल बना हुआ है।

राज्योत्सव का शिल्पग्राम छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हथकरघा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। यह प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य की पहल को भी प्रदर्शित कर रहा है।

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