छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में दो नई जंगल सफारी शुरू, इंद्रावती और अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव..

रायपुर, 2 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दो नई सफारी सेवाओं की शुरुआत की गई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली जंगल सफारी और मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में केंवची गेट से बफर सफारी का शुभारंभ किया। दोनों स्थानों पर पर्यटकों के लिए सफारी की बुकिंग भी शुरू हो गई है।

इस पहल से प्रदेश में वन पर्यटन को नई दिशा मिलने के साथ स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विधायक धर्मजीत सिंह भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार जंगल सफारी

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार जंगल सफारी शुरू की गई है। लंबे समय तक नक्सलवाद और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में पर्यटन की नई शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सफारी का प्रवेश द्वार बीजापुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर उलूर गांव में बनाया गया है। पर्यटक बीजापुर से भोपालपटनम होते हुए उलूर पहुंच सकेंगे। यहां सफारी के लिए चार जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है। पर्यटकों को प्रशिक्षित गाइड के साथ चाय-नाश्ते की सुविधा भी मिलेगी।

सफारी संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों को

इंद्रावती में सफारी संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों को सौंपी गई है। इसके लिए युवाओं को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब स्थानीय युवा गाइड और वाहन चालक के रूप में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

इसके अलावा होम-स्टे, पारंपरिक व्यंजन और हस्तशिल्प के जरिए ग्रामीण परिवारों तथा स्थानीय कारीगरों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे। इंद्रावती टाइगर रिजर्व बाघ, राजकीय पशु वन भैंसा और गिद्ध सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। सफारी के माध्यम से पर्यटक यहां की जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देख सकेंगे।

अचानकमार में केंवची गेट से 50 किलोमीटर की बफर सफारी

मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में भी पर्यटकों को नई सुविधा मिली है। यहां केंवची गेट से पहली बार बफर सफारी शुरू की गई है। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से अमरकंटक मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-45 स्थित इस गेट के खुलने से पर्यटकों को सफारी का एक और विकल्प मिलेगा। इससे अमरकंटक-अचानकमार-रतनपुर पर्यटन सर्किट को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

केंवची गेट से करीब 50 किलोमीटर लंबा सफारी मार्ग तैयार किया गया है। इसमें भैरोसांगफाटर, सेमर वॉच टॉवर, कचांदी, जलांगो तिराहा, दरियाबूट पेट्रोलिंग कैंप और आमाडोब बैरियर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।

जिप्सी और महारानी वाहन से कर सकेंगे सफारी

अचानकमार की नई सफारी के लिए एक जिप्सी और तीन महारानी वाहन उपलब्ध रहेंगे। जिप्सी का किराया 3,500 रुपये और महारानी वाहन का किराया 5,000 रुपये प्रति राउंड निर्धारित किया गया है।

यहां पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल और सांभर सहित कई वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा। सिहावल सागर, माझी डोंगरी वॉच टॉवर और जल्दा ग्रासलैंड भी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं। ठहरने के लिए केंवची गेट के पास पर्यटन विभाग का सोनभद्र रिसोर्ट और निजी रिसोर्ट उपलब्ध हैं।

पर्यटन के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

इंद्रावती और अचानकमार टाइगर रिजर्व में नई सफारी सेवाओं की शुरुआत से प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही होटल, होम-स्टे, परिवहन, गाइड सेवा, खानपान और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य वन संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना और छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाना है।

Leave a Reply

2

Back to top button