रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को मंत्रालय, नवा रायपुर स्थित अपने कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों और आगंतुकों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं, अपेक्षाएं और सुझाव गंभीरता से सुने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुलाकात के दौरान नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी मंत्री को दी। राजेश अग्रवाल ने प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर यथासंभव जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने यह भी कहा कि जिन मामलों में दूसरे विभागों के समन्वय की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों और सुझावों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन की योजनाओं और नीतियों का उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनता से निरंतर संवाद और जमीनी स्तर की समस्याओं को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जनता से जुड़ना और उनकी बात सुनना सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है। नागरिकों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मंत्री से मिलने पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं सुने जाने और उनके समाधान के लिए पहल किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान लोगों ने क्षेत्रीय विकास, जनहित और अन्य आवश्यकताओं से जुड़े सुझाव भी साझा किए।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनता के सुझावों और अनुभवों से शासन को जमीनी जरूरतों को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी कार्रवाई और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।



