रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) पर सख्ती दिखाई है। बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर प्रदेश के बाकी जिलों के DEO को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
DPI ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत अक्टूबर माह का वेतन रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
7 सितंबर को मांगी गई थी जानकारी
लोक शिक्षण संचालनालय ने 7 सितंबर को सभी जिलों से ऐसे स्कूलों की जानकारी मांगी थी, जिनके पास स्वयं का भवन नहीं है या जिनके स्कूल भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया था।
संचालनालय के अनुसार, तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद बलौदाबाजार और बलरामपुर को छोड़कर अन्य जिलों से मांगी गई जानकारी प्राप्त नहीं हुई।
सरकारी काम में लापरवाही माना
DPI ने 29 सितंबर को जारी नोटिस में कहा कि स्कूल भवनों से संबंधित जानकारी विभागीय स्तर पर जरूरी है। निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराया जाना शासकीय कार्य के प्रति गंभीरता की कमी और लापरवाही माना गया है।
3 दिन में देना होगा जवाब
नोटिस मिलने के बाद सभी संबंधित DEO को 3 दिन के भीतर अपना जवाब और मांगी गई स्कूलों की जानकारी संचालनालय को भेजनी होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित DEO के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अक्टूबर का वेतन रोकने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।



