बिलासपुर। निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े यौन उत्पीड़न और कथित संपत्ति संबंधी मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति एके प्रसाद की एकल पीठ ने राज्य के गृह सचिव समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अगस्त के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है।
याचिका पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ऑनलाइन योग कक्षाओं के दौरान उनकी पहचान तत्कालीन IG रतनलाल डांगी से हुई थी। इसके बाद वीडियो कॉल के दौरान कथित अनुचित व्यवहार और विरोध करने पर धमकी दिए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
याचिकाकर्ता पक्ष ने मौजूदा जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे निष्पक्ष नहीं होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जांच टीम में शामिल अधिकारियों में एक अधिकारी आरोपी के समकक्ष रैंक के थे, जबकि दूसरी अधिकारी उनसे कनिष्ठ थीं।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि वर्तमान जांच अधिकारियों को हटाकर मामले की जांच किसी वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी को सौंपी जाए, ताकि जांच पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो सके।
इसके अलावा याचिका में दावा किया गया है कि रतनलाल डांगी के निलंबन को 90 दिनों से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक विभागीय चार्जशीट जारी नहीं की गई है। याचिकाकर्ता पक्ष ने इस पर भी सवाल उठाते हुए अदालत से उचित कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट ने मामले में राज्य के गृह सचिव समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई में सरकार और अन्य पक्षों का जवाब सामने आने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होगी।



