छत्तीसगढ़

बिलासपुर रेल हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई: CRS की रिपोर्ट आते ही एक्शन, DRM समेत 2 अफसर हटाए गए..

बिलासपुर। रेल हादसे के बाद एक के बाद बड़ी कार्रवाई हो रही है। इसी बीच अब DRM पर भी गाज गिरी है। DRM राजमल खोईवाल हो हटाकर उमेश कुमार को बिलासपुर रेलवे का नया डीआरएम बनाया गया है। बताया जा रहा है कि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एक बड़े अधिकारी पर भी जल्द ही गाज गिर सकती है।

रेल हादसे की जांच में हुए थे खुलासे

लालखदान में रेल हादसे की जांच करने वाले सीआरएस ने पूरी गलती रेल प्रशासन की बताई है, जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हुआ है। सीआरएस की प्रारंभिक रिपोर्ट में अप्रशिक्षित चालक के हाथों में मेमू की कमान के कारण 12 यात्रियों की मौत का भी उल्लेख किया गया है। इसकी वजह से संबंधित विभाग के अधिकारियों पर भी कभी भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। एक माह पहले चार नवंबर को कोरबा-बिलासपुर लोकल मेमू अप लाइन पर खड़ी कोयला लोड मालगाड़ी से टकरा गई थी। इसके कारण 12 यात्रियों की मौत हो गई थी और 20 से अधिक यात्री घायल हो गए थे।

लोकल ट्रेन के हादसे की पूरी गलती रेल प्रशासन की

20 दिन के बाद सीआरएस मिश्रा ने मामले की मुख्य अभियुक्त मेमू की असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज से केन्द्रीय रेलवे हॉस्पिटल में जाकर घटना के संबंध में दो घंटे तक चर्चा की थी। सोमवार की रात रेल सुरक्षा आयुक्त मिश्रा ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट एसईसीआर जोन मुख्यालय और डिवीजन को भेज दी है। इस रिपोर्ट में उन्होंने बताया है कि लोकल ट्रेन के हादसे की पूरी गलती रेल प्रशासन की है। विभाग ने चालक को साइको टेस्ट में पास नहीं होने के बाद भी यात्री ट्रेन को चलाने की जिम्मेदारी सौंप दी थी।

Leave a Reply

Back to top button