बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भूमाफिया का नया कारनामा उजागर हो रहा है, बिलासपुर में पहले 13 एकड़ सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया फिर अधिकारियों से मिली भगत कर सरकारी रकबे को इधर उधर मर्ज कर सरकारी जमीनों को अजगर सरीखे निगलने की तैयारी की गई है जिसकी शिकायत एक अधिवक्ता ने कलेक्टर जनदर्शन में कलेक्टर संजय अग्रवाल से कर कार्रवाई की मांग की है, कलेक्टर ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए बिलासपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त अमित कुमार को जांच के आदेश दिए है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि कारोबारी वामन अवतारों को ऐसा कौन सा अलादीन का चिराग मिल गया है कि उनकी जमीनें राजस्व अफसरों व कर्मचारियों की मिली भगत से दिनों- दिन बढ़ते जा रही है। पूरा खेल इधर के रकबे को उधर बिठाकर सरकारी जमीनों को निगलने का है। राजकिशोर नगर – लिंगियाडीह रोड से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है ,कलेक्टर के समक्ष जनदर्शन में की गई शिकायत में अधिवक्ता पीयूष गंगवानी ने बताया कि राजकिशोर नगर- लिंगियाडीह के बीच एक सरकारी जमीन है, वही इसी जमीन के पीछे नरेंद्र मोटवानी और उनकी माँ की कुल 24 डिसमिल जमीन है, माँ- बेटे पर आरोप है कि इन दोनों ने शेर के शिकार तरह 24 डिसमिल जमीन के आढ में ठीक सामने की साढ़े 13 एकड़ में कब्जा कर रखा है। आरोप यह भी है कि नरेंद्र इस सरकारी जमीन को एक मुश्त बेचने की तैयारी में है।





