दुर्ग
पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने प्रधानमंत्री सिल्वर कप केस स्टडी प्रतियोगिता 2024 में प्रथम स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ सहित दुर्ग जिले का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल पुलिस अकादमी हैदराबाद द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। श्री गर्ग द्वारा प्रस्तुत की गई केस स्टडी का विषय था ‘Use of Technology in Policing’ उनकी केस स्टडी सितंबर 2023 में रायगढ़ में हुई एक्सिस बैंक डकैती का पर्दाफाश करने में उपयोग की गई ‘Gait Pattern Analysis’ तकनीक पर आधारित थी। यह वैज्ञानिक तकनीक पहली बार छत्तीसगढ़ में इस्तेमाल की गई थी। उस समय श्री गर्ग रायगढ़ के डीआईजी थे और उन्होंने इस महत्वपूर्ण जांच में प्रमुख भूमिका निभाई थी, जिसमें पुलिस ने अपराध घटित होने के मात्र 15 घंटों के भीतर डकैतों को पकड़ लिया था और 5.62 करोड़ रुपये की पूरी लूट बरामद की थी।गर्ग को सीबीआई में अपने समृद्ध अनुभव के आधार पर तकनीक के जानकार के रूप में पहचाना जाता है और उन्हें पुलिसिंग में तकनीक के उपयोग के लिए जाना जाता है। उन्होंने ‘त्रिनयन’ नामक एक मोबाइल ऐप भी विकसित किया है, जो पुलिस अधिकारियों को अपराध स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की पहचान करने में अत्यंत सहायक है। उनके विचारशील और परिणामोन्मुख दृष्टिकोण के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया।इस उपलब्धि पर श्री राम गोपाल गर्ग को दुर्ग रेंज सहित छत्तीसगढ़ के सभी अधिकारी, कर्मचारी और नागरिकों की ओर से हार्दिक बधाई दी गई है। उनके प्रयासों से पुलिस विभाग में नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरणा मिलती है।

आपको बता दे रामगोपाल गर्ग छत्तीसगढ़ कैडर के 2007 बैच के आईपीएस है। वे मूलतः पंजाब राज्य के रहने वाले है। तीसरे प्रयास में 152 वें रैंक के साथ यूपीएससी क्रैक रामगोपाल ने की है। सात वर्षों तक सीबीआई में डेपुटेशन में रहे रामगोपाल छत्तीसगढ़ में भी महत्वपूर्ण पोस्टिंग्स पर रहे हैं।गर्ग 2008 में राजनांदगांव जिले में प्रशिक्षु आईपीएस थे। गरियाबंद में 2011 में नक्सली हमले में अन्य जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद उन्हें गरियाबंद जिले का एसपी बनाकर भेजा गया। यह उनका पहला जिला था। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हमले में शहीद जवानों के अलावा एक जवान मिसिंग था जिससे खोजना। वह जवान सकुशल बरामद कर लिया गया। यहां रामगोपाल गर्ग ने 23 माह बिताए। अपने पोस्टिंग के दौरान रामगोपाल गर्ग ने जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में 6 नए थाने खोलें। व नक्सल गतिविधियों में अंकुश लगाया। गरियाबंद के बाद कोरिया जिले में 6 माह एसपी रहे। फिर बालोद जिले में 3 माह एसपी रहे। बालोद के बाद एक साल तक पीएचक्यू में एसआईबी के एसपी रहे। राम गोपाल गर्ग एक साल तक राज्यपाल बलरामजी दास टंडन की परिसहाय भी रहे।
2015 में आईपीएस गर्ग केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई में एसपी के पद पर चले गए। इस दौरान वह दिल्ली व चंडीगढ़ में पदस्थ रहे। उन्होंने कई आर्थिक अपराध व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर सीबीआई को सौंपी गये केसों की जांच की। सीबीआई में रहने के दौरान डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के मामले की जांच कर उसकी कुंडली निकाल ऐसी तगडी चालान आईपीएस रामगोपाल गर्ग ने बनाई कि सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचकूला की सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। प्रतिनियुक्ति से छत्तीसगढ़ कैडर लौटने के बाद रामगोपाल गर्ग अंबिकापुर रेंज के आईजी बने। हाल ही में उन्हें नवगठित रायगगढ़ रेंज का प्रभार सौंपा गया था 2024 के चुनाव के पहले उन्हें दुर्ग जिले के एस पी का प्रभार दिया गया और अब चुनाव के बाद दुर्ग जिले के आई जी है ।



