तखतपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में स्थित ग्राम कुरेली के बिजली सब स्टेशन में ड्यूटी के दौरान करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय ऑपरेटर अमन साहू की मौत हो गई। घटना के बाद बिजली विभाग और ठेका कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि जोखिम भरे काम के दौरान ऑपरेटर को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुबह रिलीवर ऑपरेटर पहुंचा तो सामने आया हादसा
जानकारी के मुताबिक, घटना हिर्री थाना क्षेत्र की है। ग्राम कुरेली स्थित बिजली सब स्टेशन में अमन साहू ठेका कंपनी के अंतर्गत स्टेशन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि वह बीती रात सब स्टेशन में ड्यूटी पर तैनात था।
रातभर ड्यूटी के बाद सुबह जब रिलीवर ऑपरेटर सब स्टेशन पहुंचा, तब अमन साहू कार्यालय में अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने का आरोप
घटना के बाद आरोप लगाया जा रहा है कि ऑपरेटर को काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बिजली सब स्टेशन में काम करना जोखिम भरा होता है, ऐसे में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जाना जरूरी है।
हालांकि, अमन साहू की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उस समय सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, यह जांच का विषय है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों और इससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जिम्मेदारी किसकी थी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
विभाग और ठेका कंपनी की जवाबदेही पर सवाल
कुरेली सब स्टेशन में हुए इस हादसे ने बिजली विभाग और ठेका कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली जैसी जोखिम भरी व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है और क्या निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था, इसकी जांच जरूरी है।
32 वर्षीय अमन साहू की मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिसके बाद हादसे के कारण और संभावित जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।



