छत्तीसगढ़

PM आवास योजना से छत्तीसगढ़ में बड़ा बदलाव, 11.78 लाख ग्रामीण आवास बनकर तैयार..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही है। वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को अब पक्के घर का सहारा मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन को गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पक्के आवास मिलने से लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है और उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। सरकार की पहली कैबिनेट में 18 लाख 12 हजार जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। वहीं, प्रदेश में अब तक लगभग 11 लाख 78 हजार ग्रामीण आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

इसके अलावा, आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ितों के लिए विशेष परियोजना के तहत केंद्र सरकार से 15 हजार आवासों की स्वीकृति मिली है। इनमें से छत्तीसगढ़ में 5,600 आवास स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी जरूरतमंद परिवारों को राहत मिली है। इस श्रेणी में 47 हजार हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत किए गए थे। नई सरकार के गठन के बाद 39 हजार आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 24 हजार आवास पूरे हो चुके हैं।

आवास प्लस 2.0 के तहत 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य

वर्ष 2024 में आवास प्लस 2.0 के तहत नया सर्वे कराया गया। इसके बाद 11 सितंबर 2026 को केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को लगभग 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

शहरी क्षेत्रों में 2.22 लाख आवास पूरे

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत छत्तीसगढ़ में स्वीकृत 2 लाख 43 हजार आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

इनमें बीएलसी घटक के 1,93,175 आवास और एएचपी घटक के 29,267 आवास शामिल हैं। पिछले ढाई वर्षों में बीएलसी घटक के तहत 75,709 और एएचपी घटक के तहत 13,082 आवास पूरे किए गए हैं।

एएचपी घटक के अंतर्गत 14,687 हितग्राहियों को आवास आवंटित किए गए हैं, जबकि 12,530 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में बसाया गया है। आवास निर्माण के लिए नगरीय निकायों को 909 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में 71,416 आवास स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे अभियान जारी है। योजना में तकनीक आधारित सर्वे और तेजी से स्वीकृति देने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है।

इस योजना के तहत अब तक 71,416 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 4,129 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 25,165 आवास निर्माणाधीन हैं। इनके निर्माण के लिए नगरीय निकायों को 533.93 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

पक्का मकान बना सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार

ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक परिवार लंबे समय तक कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर थे। बारिश के दौरान टपकती छत, दीवारों में सीलन और गर्मी-सर्दी से बचाव की समस्याएं उनके जीवन को कठिन बनाती थीं। ऐसे परिवारों के लिए पक्का मकान केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन में स्थायी बदलाव का माध्यम है।

पक्के आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, राशन और गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलने से परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना इस तरह छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है।

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