रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और जल जीवन मिशन के प्रभावी संचालन को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी तेज करने पर जोर दिया है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर 2026 को राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित बुनियादी ढांचे के सुचारू संचालन, रखरखाव, पेयजल की गुणवत्ता की जांच और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी आदिवासी बसाहटों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता की निरंतर जांच पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जल जीवन मिशन 2.0 की कार्ययोजना पर चर्चा
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना और रणनीति की समीक्षा की गई। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों और पिछड़ी जनजातीय बसाहटों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक संसाधनों और प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ जल स्रोतों के संरक्षण और सुरक्षा को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। बैठक में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
सोलर, रेट्रोफिटिंग और बल्क वॉटर योजनाओं की समीक्षा
बैठक में राज्य में संचालित सोलर, रेट्रोफिटिंग और बल्क वॉटर योजनाओं की प्रगति तथा वित्तीय भुगतान की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। जल जीवन मिशन की गतिविधियों को तकनीकी और प्रबंधकीय रूप से मजबूत बनाने के लिए जिला तकनीकी इकाई और परियोजना प्रबंधन इकाई की नियुक्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
12 ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी
बैठक में 12 ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त निविदाओं की दरों की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इसके अलावा जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव के लिए ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस (O&M) पॉलिसी के नए प्रारूप पर विस्तार से चर्चा हुई। योजनाओं के निर्माण के बाद उनका नियमित रखरखाव और सुचारू संचालन सुनिश्चित करना बैठक का प्रमुख विषय रहा।
ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर
मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं का लंबे समय तक सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
बैठक में वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर रिमिजियुस एक्का सहित महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार का जोर अब पेयजल योजनाओं के निर्माण के साथ उनकी गुणवत्ता, नियमित आपूर्ति, रखरखाव और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर है, ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।



