भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित 'मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद' कार्यक्रम में कई बड़े समूहों से चर्चा की। उन्होंने वन टू वन चर्चा भी। इस मुलाकात के दौरान आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका और वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से निवेश पर चर्चा हुई। हर्ष गोयनका ने मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। वहीं संदीप गर्ग के साथ पाइप निर्माण, टेक्सटाइल और अधोसंरचना पर निवेश की बातें हुईं।
मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद' कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका से मुलाकात की। मुंबई में हुई बैठक में समूह की ओर से प्रदेश में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन को संभावित निवेश स्थलों के तौर पर चर्चा में रखा गया।
जबलपुर में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की संभावना
आरपीजी समूह ने जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश करने में रुचि दिखाई। बैठक में प्रदेश की औद्योगिक सुविधाओं, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध कार्यबल के साथ निवेश के लिए राज्य की नीतियों पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान हर्ष गोयनका ने जबलपुर में निवेश कर विद्युत पारेषण क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। चर्चा में मध्यप्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ लेकर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य में टायर निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित निवेश स्थलों के रूप में चर्चा में आए। इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद आगे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई। आरपीजी समूह की टीम ने संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर आवश्यक सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करने की इच्छा व्यक्त की। इस क्रम में उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में उपलब्ध प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग की संभावना पर भी चर्चा हुई। इससे समूह को तैयार बुनियादी ढांचे के माध्यम से आईटी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल सकता है।
तीन शहरों में टायर प्लांट पर विचार
टायर निर्माण इकाई के लिए रतलाम, सागर और जबलपुर के विकल्पों पर चर्चा हुई। समूह इन स्थानों पर औद्योगिक सुविधाओं, कच्चे माल की उपलब्धता और अन्य जरूरी संसाधनों का आकलन कर सकता है। इसके बाद संभावित परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
मध्यप्रदेश से पुराना जुड़ाव
आरपीजी समूह अवसंरचना, मोबिलिटी, टायर, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विविध क्षेत्रों में कार्यरत प्रमुख भारतीय औद्योगिक समूह है। इसके प्रमुख व्यवसायों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह की वैश्विक उपस्थिति छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में है। समूह का मध्यप्रदेश से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। वर्ष 1951 से आरपीजी ट्रांसमिशन लिमिटेड के माध्यम से समूह की राज्य में उपस्थिति रही है।
टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क में वेलस्पन समूह ने दिखाई रुचि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचना क्षेत्र में समूह की निवेश योजनाओं तथा नई परियोजनाओं में सहभागिता की संभावनाओं पर चर्चा की। वेलस्पन समूह ने मिल की भूमि पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने में निवेश की रुचि दिखाई। समूह ने प्रस्तावित पार्क में एंकर यूनिट स्थापित करने की इच्छा भी व्यक्त की। इस संबंध में वेलस्पन समूह स्थल का निरीक्षण करने के लिए अपनी टीम भेजेगा।
एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में ₹150 करोड़ के निवेश पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गर्ग के बीच वेलस्पन कॉर्प द्वारा एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में ₹150 करोड़ के निवेश पर चर्चा हुई। प्रदेश में पाइप निर्माण क्षेत्र में समूह की गतिविधियों और निवेश योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सिंटेक्स के ₹700 करोड़ के प्रगतिरत निवेश पर भी चर्चा की गई। समूह की रायसेन और देवास में उपस्थिति के संदर्भ में पाइप निर्माण तथा टेक्सटाइल क्षेत्र की गतिविधियों पर संवाद हुआ।
उज्जैन के आईटी पार्क पर नजर
आईटी क्षेत्र में निवेश के लिए उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। समूह की टीम संभावित स्थानों का दौरा कर वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करेगी। प्लग-एंड-प्ले सुविधा के कारण तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर आईटी गतिविधियां शुरू करने का विकल्प भी बैठक में सामने आया। बैठक में संभावित परियोजनाओं के लिए जमीन, जरूरी मंजूरियों और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार की एकल-खिड़की व्यवस्था के जरिए परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की बात कही गई। आरपीजी समूह के प्रमुख कारोबार में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह का मध्यप्रदेश से भी पुराना कारोबारी जुड़ाव है। केईसी इंटरनेशनल ने प्रदेश में विद्युत पारेषण से जुड़ी परियोजनाओं में काम किया है। अब समूह की ओर से नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने से प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ने की उम्मीद है।



