रायपुर। हर महीने 4 से 5 हजार रुपए तक आने वाले बिजली बिल से परेशान राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम कल्लूटोला निवासी होसीलाल साहू को अब बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगने के बाद उनके परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है।
होसीलाल साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल करीब 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। घरेलू जरूरतों के साथ इतनी बड़ी राशि बिजली बिल में खर्च होने से परिवार के बजट पर असर पड़ता था। इसी दौरान पंचायत में आयोजित सूर्यसभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली।
योजना के तहत सौर ऊर्जा से होने वाली बचत और मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर सौर संयंत्र लगवाने का फैसला किया।
1.08 लाख रुपए की सब्सिडी से आसान हुई सौर ऊर्जा की राह
सौर संयंत्र की स्थापना के लिए होसीलाल साहू को केंद्र शासन की ओर से 78 हजार रुपए और राज्य शासन की ओर से 30 हजार रुपए, यानी कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिली। इस आर्थिक सहायता से उनके लिए घर पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाना आसान हो गया।
सौर संयंत्र लगने के बाद बिजली खर्च में कमी आई है। पहले जहां हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल की चिंता रहती थी, वहीं अब परिवार उस राशि का उपयोग दूसरी जरूरतों और बचत के लिए कर सकता है।
बिजली बिल की चिंता घटी, परिवार में बढ़ी खुशी
होसीलाल साहू का कहना है कि सौर संयंत्र लगने से उनके परिवार की आर्थिक चिंता काफी कम हुई है। घर की छत पर लगा संयंत्र सूर्य की रोशनी से बिजली तैयार कर रहा है, जिससे उन्हें बिजली खर्च में राहत मिल रही है।
उन्होंने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसे प्रयास सामान्य परिवारों के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर लोगों के दैनिक जीवन में दिखाई देता है।
कल्लूटोला निवासी होसीलाल साहू के घर की छत पर लगा सौर संयंत्र अब उनके लिए बिजली उत्पादन के साथ बचत, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बन गया है।



