रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं समेत 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे बेमेतरा, बालोद, धमतरी और कांकेर जिलों में सामने आए।
बेमेतरा के बेरला क्षेत्र के सुरहोली गांव में टावर लगाने का काम करने वाले पश्चिम बंगाल के दो मजदूर मनोज राजवंशी और जगदीश राजवंशी बारिश से बचने के लिए बरगद के पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
बालोद जिले के पथराटोला गांव में खेत में काम कर रही 40 वर्षीय अनुसुइया बाई बिजली की चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि उनके साथ काम कर रही दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
कांकेर के दुर्गुकोंदल ब्लॉक के गुड़फेल गांव में 52 वर्षीय किसान रामसिंह मंडावी जामुन के पेड़ के नीचे बारिश से बचने के दौरान बिजली की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। वहीं धमतरी में भी आकाशीय बिजली गिरने से गिरजा शंकर ध्रुव की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल बताए गए हैं।
25-26 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मौसम तंत्र के कारण प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। 25 और 26 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है।
मौसम खराब होने के कारण बस्तर संभाग में भी जनजीवन प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बस्तर प्रशासन ने गुरुवार को सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया और त्रैमासिक परीक्षाएं स्थगित कर दीं। खराब मौसम के चलते जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान भी प्रभावित हुई है।
बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिजली चमकने के दौरान खुले खेत, मैदान, छत और जलाशयों से दूर रहें। किसी पेड़ के नीचे शरण न लें, खासकर अकेले और ऊंचे पेड़ों से दूरी बनाए रखें। बिजली के खंभों, टावरों, तारों और धातु की वस्तुओं से भी दूर रहें।
घर के अंदर रहने पर खिड़की-दरवाजों और बालकनी से दूरी रखें। बिजली कड़कने के दौरान नल या अन्य पानी के स्रोतों का इस्तेमाल करने से बचें। यदि वाहन में हैं तो वाहन के अंदर ही रहें और खिड़कियां बंद रखें।
अगर कोई व्यक्ति बिजली की चपेट में आ जाए तो पहले उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और 108 एंबुलेंस को सूचना दें। सांस या धड़कन रुकने पर प्रशिक्षित व्यक्ति CPR दे सकता है। झुलसे हुए हिस्से को साफ कपड़े से ढकें और उस पर तेल, बर्फ या कोई घरेलू पदार्थ न लगाएं। बिजली की चपेट में आए व्यक्ति को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल जरूर ले जाएं।



