नई दिल्ली
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं. बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय यानी MFA की ओर से आज उनके भारत दौरे का आधिकारिक ऐलान किए जाने की उम्मीद है. राष्ट्रपति शी का शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंच सकते हैं. शाम करीब छह बजे भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हो सकती है।
BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है. यह बैठक भारत-चीन रिश्तों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
खास बात यह है कि मोदी और शी जिनपिंग की भारतीय जमीन पर करीब 7 साल बाद पहली द्विपक्षीय मुलाकात होगी. यह बैठक गलवान झड़पों के बाद भी दोनों नेताओं की भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक होगी।
भारत में 12-13 सितंबर को होगा BRICS समिट
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इसकी थीम "Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" रखी गई है।
सम्मेलन में सदस्य और पार्टनर देशों के नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ BRICS के बीच राजनीतिक-सुरक्षा, आर्थिक-वित्तीय और लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. 2026 में BRICS की स्थापना के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं।
NSG कमांडो समेत 25000 जवान होंगे तैनात; जानें 11 बड़े सुरक्षा इंतजाम
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए राजधानी दिल्ली को अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील किया जा रहा है। इस सम्मेलन में शिरकत करने 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि आ रहे हैं। इनमें दो नाम बेहद अहम माने जा रहे हैं- पहला, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और दूसरा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। इनके आने की भी संभावना है। तीन दिवसीय BRICS समिट 11 सितंबर से शुरू होगा। सुरक्षा व्यवस्था का स्तर 2023 में हुए G20 शिखर सम्मेलन के करीब रखा जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर व्यापक सुरक्षा प्लान तैयार किया है। करीब 25000 जवानों को तैनात किया जाएगा। इसमें 100 से अधिक NSG कमांडो भी शामिल होंगे। एंटी-ड्रोन सिस्टम और लगातार मॉक ड्रिल के जरिए दिल्ली में जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।आइए जानते हैं BRICS समिट के लिए दिल्ली में किए जा रहे 11 बड़े सुरक्षा इंतजाम…
25000 जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान
BRICS समिट के दौरान दिल्ली में करीब 25000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है। दिल्ली पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे।
100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात
VVIP सुरक्षा को देखते हुए 100 से अधिक NSG कमांडो भी तैनात किए जा रहे हैं। भारत मंडपम समेत संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार खतरे का आकलन करेंगी।
आसमान पर एंटी-ड्रोन सिस्टम से नजर
समिट के दौरान ड्रोन और अन्य फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स से हर हवा में मौजूद खतरों पर निगरानी की जाएगी। संभावित खतरे को देखते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे।
भारत मंडपम से होटलों तक हाई-सिक्योरिटी कॉरिडोर
समिट का मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम होगा। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और मेहमानों के ठहरने वाले होटलों से भारत मंडपम तक के पूरे रूट को हाई-सिक्योरिटी कॉरिडोर के तौर पर तैयार किया जा रहा है। करीब 30 DCP रैंक के अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे।
10 होटलों पर विशेष सुरक्षा
विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधिमंडलों से जुड़े 10 होटल सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम होंगे। इन होटलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।
VVIP काफिलों की बार-बार मॉक ड्रिल
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए दिल्ली पुलिस, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियां लगातार मॉक ड्रिल कर रही हैं। VVIP मोटरकेड की आवाजाही का 12 प्रमुख स्थानों पर अभ्यास किया जा रहा है, ताकि वास्तविक मूवमेंट के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
22 डायवर्जन पॉइंट, 4800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के काफिलों की आवाजाही के दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं। करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। VVIP मूवमेंट के दौरान आम लोगों को ट्रैफिक संबंधी दिक्कतों से बचाने के लिए रूट डायवर्जन किए जाएंगे।
मोटरकेड की गाड़ियों में GPS
VVIP काफिले में शामिल वाहनों को GPS से लैस किया जा रहा है। इससे सुरक्षा एजेंसियां मोटरकेड में शामिल वाहनों की स्थिति को रियल टाइम में मॉनिटर कर सकेंगी। एयरपोर्ट, होटल और भारत मंडपम के बीच होने वाली आवाजाही पर विशेष नजर रहेगी।
एंटी-सैबोटाज और बम निरोधक दस्ते सक्रिय
भारत मंडपम, होटल और VVIP रूट पर एंटी-सैबोटाज टीम तथा बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड सुरक्षा जांच कर रहे हैं। संवेदनशील स्थानों की जांच और संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
दिल्ली ही नहीं, पड़ोसी राज्यों तक सुरक्षा ग्रिड
BRICS की सुरक्षा व्यवस्था को दिल्ली की सीमाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। दिल्ली पुलिस हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ की पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम कर रही है। संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच, सीमा पर निगरानी और खुफिया सूचनाओं को तेजी से साझा करने के लिए साझा सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है।
खाकी वर्दी में दिखेंगे CAPF जवान
BRICS ड्यूटी में लगाए गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। BSF, ITBP और CRPF समेत CAPF के जवानों को खाकी वर्दी पहनने की सलाह दी गई है।
पुतिन और शी जिनपिंग जैसे हाई-प्रोफाइल नेताओं के संभावित दौरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए जमीन, सड़क और आसमान- तीनों स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर रही हैं।
आखिरी बार अक्टूबर 2019 में शी जिनपिंग आए थे भारत
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछली भारत यात्रा 11-12 अक्टूबर 2019 को हुई थी. तब वह तमिलनाडु के मामल्लापुरम पहुंचे थे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत-चीन के दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे. यह 2018 में चीन के वुहान में हुई पहली अनौपचारिक बैठक के बाद दोनों नेताओं की दूसरी ऐसी मुलाकात थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की थी।



