रायपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बीच छत्तीसगढ़ में सोना तस्करी के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर और नागपुर रेलवे सुरक्षा बल क्राइम ब्रांच की टीम ने DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) के साथ कार्रवाई करते हुए हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से 1.242 किलो सोना जब्त किया है। जब्त सोने की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ट्रेन के कोच से मिले सोने के बिस्किट
कार्रवाई के दौरान ट्रेन के B-12 कोच की तलाशी ली गई। इस दौरान 7 सोने के बिस्किट और एक सोने की छड़ बरामद हुई। मामले में महाराष्ट्र के सुरेश कुमार और धैर्यशील को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोना कहां से आया था और इसे किसे पहुंचाया जाना था।
छत्तीसगढ़ में 37 किलो से ज्यादा सोना जब्त
जानकारी के मुताबिक, रायपुर में DRI का जोनल कार्यालय शुरू होने के बाद से अब तक छत्तीसगढ़ में करीब 37 किलो सोना और 5 हजार किलो से ज्यादा चांदी जब्त की जा चुकी है। पिछले छह वर्षों में 25 से ज्यादा तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है।
बांग्लादेश-म्यांमार से कोलकाता, फिर छत्तीसगढ़
जांच एजेंसियों के मुताबिक, तस्करी का विदेशी सोना बांग्लादेश और म्यांमार से कोलकाता पहुंचता था। इसके बाद सड़क और रेल मार्ग से इसे छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों तक भेजे जाने का आरोप है।
रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव को इस नेटवर्क के प्रमुख केंद्रों में शामिल बताया गया है। यहां से सोना मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।
बेल्ट से लेकर टिफिन तक, तस्करी के नए तरीके
जांच में तस्करों द्वारा सोना छिपाने के अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करने की जानकारी सामने आई है। सोने को बेल्ट, बैग, टिफिन, तकिए, कमरबंद और कपड़ों में छिपाकर ले जाने के मामले सामने आए हैं। तस्करी के लिए मुख्य रूप से रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था।
कई स्तरों पर चलता था नेटवर्क
एजेंसियों के मुताबिक, तस्करी का नेटवर्क कई स्तरों पर काम करता था। इसमें कथित तौर पर सरगना, सप्लायर, पैडलर और स्थानीय खरीदार शामिल होते थे। सोने को छोटे-छोटे हिस्सों में अलग-अलग लोगों के जरिए भेजा जाता था, जिससे एक साथ बड़ी खेप पकड़े जाने का जोखिम कम हो।
ED की कार्रवाई भी जारी
सोना तस्करी से जुड़े मामलों में ED की कार्रवाई का भी जिक्र सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने छत्तीसगढ़ से जुड़े कारोबारियों की करीब 64.14 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त/अटैच किया है। वहीं, दुबई से जुड़े करीब 260 करोड़ रुपये के कथित सोना नेटवर्क की भी जांच का दावा किया गया है।
तस्करी से सरकार को राजस्व नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध तरीके से सोने की खरीद-बिक्री से सरकार को सीमा शुल्क और अन्य करों के रूप में राजस्व का नुकसान होता है। साथ ही बिना दस्तावेज के कारोबार से वैध कारोबारियों पर भी असर पड़ता है।
DRI और अन्य जांच एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, सप्लायर और अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।



