भोपाल
मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने वाली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विमानन विभाग की समीक्षा की है. इस बैठक में प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है. वहीं, उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे नए एयरपोर्ट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को भी खास प्राथमिकता दी गई है।
पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट को मंजूरी
इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नायडू ने मध्यप्रदेश की प्रस्तावित दस एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने के प्रस्ताव को केंद्र की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही है. इसके तहत पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट तैयार किए जाएंगे. इनमें सबसे पहले भोपाल से सबसे दूरस्थ नगर निगम सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है. इसके अलावा सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल की एयरस्ट्रिप्स को भी भविष्य में एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में पांच एयरपोर्ट बनेंगे
मध्यप्रदेश में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इनमें सबसे पहले सिंगरौली में एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की प्रस्तावित 10 एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट में बदलने में पूरी मदद करेगी।
सिंहस्थ से पहले शुरू होगा उज्जैन एयरपोर्ट
केंद्रीय मंत्री ने उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर तक हासिल करने को कहा गया है. वहीं, सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट अहम भूमिका निभाएगा. शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए नई साइट की तलाश भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।
उज्जैन-शिवपुरी में चल रहा नए एयरपोर्ट का निर्माण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में आठ एयरपोर्ट तैयार हो चुके हैं, जबकि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण चल रहा है। राज्य सरकार प्रदेश की 10 उन्नत एयरस्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल को शामिल करते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना को अगले 10 साल के लिए बढ़ाकर वर्ष 2036 तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत देश में अगले 10 साल में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश में प्रस्तावित सभी स्थलों पर इसी योजना के तहत एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले चरण में पांच नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे और इसकी शुरुआत सिंगरौली से होगी।
उज्जैन एयरपोर्ट के लिए 10 अक्टूबर तक पर्यावरणीय मंजूरी
बैठक में उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे एयरपोर्ट की प्रगति की भी समीक्षा हुई। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और प्रदेश के विमानन विभाग के अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उज्जैन एयरपोर्ट के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय अनुमतियां 10 अक्टूबर 2026 तक हासिल करने को कहा। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन एयरपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
शिवपुरी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाया जाना है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए नई साइट की तलाश जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
6 महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने की हवाई यात्रा
विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने बैठक में बताया कि पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में लगातार बढ़ रही हवाई सेवाओं के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
प्रदेश में पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा, पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा और पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही हैं। पिछले महीने इंदौर से अबुधाबी के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी शुरू हुई है। इसके अलावा 10 अगस्त से चार नई सीधी हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
एयर एम्बुलेंस से 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में शुरू की गई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के जरिए अब तक 170 से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया गया है। सरकार के अनुसार इनमें 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई। आयुष्मान कार्डधारियों को यह सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री नायडू ने एयर एम्बुलेंस सेवा की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने इसके संचालन के जरिए देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य (प्लानिंग) अनिल कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक एच. पुल्ला, आयुक्त विमानन चंद्रमौली शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को एयर एम्बुलेंस का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा को गंभीर मरीजों के लिए देश का सफलतम प्रयोग बताया. उन्होंने कहा, '' अब तक 170 से ज्यादा गंभीर मरीजों को इसका लाभ मिला है और 99 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई गई. आयुष्मान कार्डधारियों के लिए यह सेवा नि:शुल्क है।
छह महीने में 50 हजार से ज्यादा यात्रियों ने भरी उड़ान
विमानन विभाग के अनुसार पिछले छह महीने में मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई यात्रा का लाभ लिया है. वहीं, इंदौर से अबुधाबी की सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के बाद अब चार नई सीधी हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री ने बताया, '' उड़ान योजना को वर्ष 2036 तक बढ़ाया गया है और अगले 10 साल में देश में 100 नए एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है।



