बिलासपुर: जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने विधायक की ओर से दायर रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) खारिज कर दी है। इस याचिका में उन्होंने अपने निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिकाओं को प्रारंभिक स्तर पर निरस्त करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद विधायक के निर्वाचन को चुनौती देने वाली दोनों चुनाव याचिकाओं पर सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को तय की है।
जैजैपुर विधानसभा सीट से वर्ष 2023 में निर्वाचित विधायक बालेश्वर साहू के खिलाफ सरोज कुमार चंद्रा और दिगंबर साहू ने अलग-अलग चुनाव याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों और आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। साथ ही, विधायक के आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी का निर्धारित तरीके से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रचार-प्रसार नहीं किया गया।
विधायक पक्ष ने अदालत में दलील दी थी कि चुनाव याचिकाएं 45 दिन की वैधानिक समय सीमा के बाद दायर की गई हैं, इसलिए उन्हें सुनवाई योग्य नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को पहले ही खारिज कर दिया था। इसके बाद समीक्षा याचिका दाखिल की गई, जिसे भी अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि समीक्षा याचिका में ऐसा कोई नया आधार या स्पष्ट त्रुटि नहीं है, जिसके आधार पर पहले दिए गए आदेश में हस्तक्षेप किया जा सके। अदालत ने यह भी माना कि चुनाव याचिकाओं के साथ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।



