भोपाल
राजधानी भोपाल के सबसे व्यस्त यातायात मार्गों में शामिल प्रभात चौराहे पर निर्माणाधीन डबल-डेकर फ्लाईओवर परियोजना में हुई देरी और लागत में भारी वृद्धि को लेकर सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने लोक निर्माण विभाग अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर परियोजना में बरती गई लापरवाही पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए।
करीब 650 मीटर लंबे डबल-डेकर फ्लाईओवर का निर्माण प्रभात चौराहे (काली मंदिर पुलिया) से लाला लाजपत राय कॉलोनी तक किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2022 में स्वीकृति मिली थी, जबकि 2023-24 में निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ।
निर्माण के दौरान मेट्रो परियोजना और लोक निर्माण विभाग के बीच पेयजल एवं सीवरेज लाइन शिफ्टिंग को लेकर समन्वय की कमी और प्रशासनिक विवाद के कारण कार्य लंबे समय तक बाधित रहा। अधिकारियों की लापरवाही के चलते समय पर समस्या का समाधान नहीं हो सका, जिससे परियोजना की प्रगति रुक गई। परिणामस्वरूप, परियोजना की 44 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत बढ़कर लगभग 72 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वर्ष 2025 में संशोधित लागत की स्वीकृति के लिए प्रशासनिक स्तर पर फाइल भेजी गई, जो लंबे समय तक लंबित रही।
इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी लंबित तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल दूर कर निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री सारंग ने निर्माण स्थल के आसपास की सभी सर्विस रोडों को अगले सात दिनों के भीतर दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को होने वाली परेशानी कम की जा सके।
फ्लाईओवर बनने से प्रभात चौराहे के जाम से मिलेगी बड़ी राहत
यह डबल-डेकर फ्लाईओवर पूरा होने के बाद प्रभात चौराहे पर वर्षों से लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर आने-जाने वाले यात्रियों का सफर अधिक सुगम और तेज होगा। वर्तमान में इस चौराहे पर प्रतिदिन भारी यातायात का दबाव रहता है, जिससे लोगों को लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ता है।
फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद प्रतिदिन लाखों नागरिकों, रेलवे यात्रियों, कार्यालय आने-जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी और राजधानी की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुचारु होगी।
मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए तथा भविष्य में जनहित से जुड़े किसी भी विकास कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



