रायपुर | बस्तर में ‘नियद नेल्लानार अभियान’ के जरिए दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के बाद अब साय सरकार पूरे प्रदेश में ग्रामीण विकास का नया अध्याय शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य के पिछड़े और बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों का समग्र विकास करना है।
सरकार का लक्ष्य गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत कर ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाना है। इस अभियान के तहत उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां विकास की गति अब तक अपेक्षाकृत धीमी रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, बस्तर में नियद नेल्लानार अभियान से मिले सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब उसी मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में लागू किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य विकास की मुख्यधारा से दूर बसे अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान इसी सोच का विस्तार है, जिसके माध्यम से गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू हुआ तो ग्रामीण अधोसंरचना, सामाजिक विकास और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। इससे राज्य के पिछड़े क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।



