रायपुर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस संगठन में बढ़ती गुटबाजी और आंतरिक असंतोष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठनात्मक एकजुटता की कमी आगामी चुनावों में पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के कई पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता खुद को संगठन से अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। वहीं पार्टी के भीतर विभिन्न गुटों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आ रही है। संगठन के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नेतृत्व को लेकर असंतोष बताया जा रहा है, जिसका असर जमीनी गतिविधियों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते संगठनात्मक मतभेद दूर नहीं किए गए, तो चुनावी तैयारियों पर इसका असर पड़ सकता है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना और जनता के मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाना है।
हालांकि कांग्रेस के कई नेता इन दावों को खारिज करते हुए संगठन को मजबूत और चुनाव के लिए तैयार बता रहे हैं। लेकिन अंदरूनी खींचतान और असंतोष की खबरों ने सियासी हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।



