ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है. 2 जून 2026 को देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं. गुरु के इस गोचर से सिंह राशि में पहले से मौजूद केतु के साथ उनका द्विद्वादश योग बनेगा. ज्योतिष में ज्ञान और अध्यात्म के कारक माने जाने वाले इन दोनों ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग 4 राशियों के लिए शिक्षा, करियर और आर्थिक मोर्चे पर छप्परफाड़ खुशियां लेकर आने वाला है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह योग उनकी छिपी हुई क्षमताओं को बाहर लाएगा. कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहेगा, जिससे उच्च पद या प्रमोशन की प्राप्ति हो सकती है. मेडिकल और बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी सफलता मिलेगी. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा. आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.
कर्क राशि
2 जून को गुरु का गोचर आपकी ही राशि में होने जा रहा है, जबकि केतु आपके धन भाव में रहेंगे. यदि आप जनसंचार (Mass Comm), सेल्स या मार्केटिंग के छात्र हैं, तो आपको शानदार परिणाम मिलेंगे. बेरोजगारों को मनचाही जगह पर नौकरी मिल सकती है. अध्यात्म की तरफ झुकाव बढ़ेगा, मानसिक तनाव से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी.
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी खुद देवगुरु बृहस्पति हैं. इस गोचर से आपका आठवां और नौवां भाव सक्रिय होगा, जिससे गूढ़ व रहस्यमयी विषयों को जानने की उत्सुकता बढ़ेगी. जो छात्र रिसर्च या अनुसंधान के कार्यों से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय सुनहरे अवसर लेकर आएगा. करियर में बड़ी उपलब्धियां मिलेंगी, धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए द्विद्वादश योग करियर में बेहद सुखद अनुभव लेकर आएगा. आपका सुलझा हुआ स्वभाव लोगों को प्रभावित करेगा. आप अपने शत्रुओं को परास्त करने में सफल रहेंगे. विद्यार्थियों की एकाग्रता में सुधार होगा, जिससे पढ़ाई में मन लगेगा. इस दौरान किसी बड़े आध्यात्मिक गुरु से मुलाकात आपके जीवन की दिशा बदल सकती है.



