छत्तीसगढ़

CG मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल: 800 सरकारी स्कूलों में स्किल एजुकेशन शुरू.. 1,600 शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण..

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में बच्चों के कौशल उन्नयन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के सरकारी स्कूलों में स्किल एजुकेशन को शामिल करने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ सरकार ने मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के साथ एक तीन साल की साझेदारी की है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (NCF) 2023 के अनुरूप है, और इसका उद्देश्य छात्रों को आवश्यक स्किल्स और शिक्षा प्रदान करना है।

पहले दो शैक्षणिक वर्षों में 800 सरकारी स्कूलों में स्किल एजुकेशन को लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में 1,600 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे 40,000 छात्रों, जो कक्षा 6 से 10 तक के होंगे, को स्किल और जीवन कौशल शिक्षा प्रदान कर सकें। कार्यक्रम की शुरुआत कांकेर और कोंडागांव से होगी और इसे धीरे-धीरे राज्य के सभी 33 जिलों में फैलाया जाएगा।

मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के CEO, जयंत रस्तोगी, ने कहा कि स्किल एजुकेशन किशोरों के सशक्तिकरण और उनकी शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों के लिए मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा देने का भी निर्देश दिया है, जिससे उनकी सांस्कृतिक पहचान और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास, विशेषकर दुर्गम आदिवासी इलाकों के बच्चों के लिए, विकसित भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण क़दम है। स्कूली शिक्षा में स्किल एजुकेशन के नए अवसर देकर, यह कदम राज्य को सशक्त करेगा और देश के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। युवा पीढ़ी नई तकनीकों और ज्ञान से लैस होकर भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होंगे।

जानिये..क्‍या है मैजिक बस फाउंडेशन

मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) है। यह भारत में शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में काम करने वाली 5 गैर सरकारी संगठनों में से एक है। फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार इसकी स्‍थापना 1999 में मुंबई में हुई थी। यह संस्‍था राष्‍ट्रीय स्‍तर पर काम करती है। यह संस्‍था गरीबी में रहने वाले युवाओं के साथ काम करती है, उन्हें चुनौतियों से भरे बचपन से सार्थक आजीविका वाले जीवन की ओर ले जाती है। यह संस्‍था मध्‍य प्रदेश में भी काम कर रही है। वहां सितंबर 2023 में संस्‍था ने सरकार के साथ समझौता किया था।

आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष जोर

विष्‍णुदेव साय सरकार प्रदेश के पिछड़े माने जाने वाली आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर दे रही है। सरकार की इस पहल को वहां के बच्‍चों को सक्षम बनाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्यक्रम की शुरुआत कांकेर और कोंडागांव जिला से होगी। इसके बाद इसे बस्‍तर संभाग में और फिर सरगुजा संभाग सहित पूरे राज्‍य में लागू किया जाएगा। इसके जरिये बच्‍चों को पढ़ाई के साथ-साथ आजीविका के लिए भी तैयार किया जाएगा।

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