रायपुर। विष्णुदेव साय ने प्रशासन को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अधिकारी “लोगों की सुनें, सुनाएं नहीं” और आम नागरिकों के साथ शालीनता व सम्मान से पेश आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका व्यवहार सीधे तौर पर सरकार की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव से तय होती है। इसलिए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर सीधे संवाद करना चाहिए।
सुशासन तिहार 2026 के दौरान मुख्यमंत्री खुद औचक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के काम के साथ-साथ उनके व्यवहार का भी मूल्यांकन करेंगे। इस दौरान पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता ही प्रशासन की असली ताकत है। यदि अधिकारी जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे, तो शासन पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।



