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पेपर लीक पर सख्त सम्राट चौधरी, बोले- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

पटना
बिहार समेत देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को कहा कि युवा हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके सपनों और भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने (पेपर लीक के) दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। केंद्र की एनडीए सरकार की तारीफ करते हुए सम्राट ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना मोदी सरकार की गारंटी है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें पीएम ने पेपर लीक के दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से कठोर सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया।

प्रधानमंत्री ने गुरुवार सुबह साझा किए पोस्ट में कहा कि पेपर लीक के केस की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के निर्देश संबंधित विभाग को दे दिए गए हैं।

पीएम ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दिल्ली से शुरू हुआ आंदोलन, पटना से कटिहार तक बवाल
बता दें कि नीट पेपर लीक के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से युवाओं का आंदोलन चल रहा है। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज होने के बाद पटना में भी बुधवार को उग्र प्रदर्शन हुआ। पुलिस और युवाओं के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हो गए।

पटना में गुरुवार को भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। पुलिस को एक-दो बार लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके अलावा, राज्य के अलग-अलग शहरों में भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं। कटिहार में गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बाहर बवाल हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस ने उन पर लाठियां चलाईं।

मंगल पांडेय ने पीएम मोदी के फैसले की तारीफ की
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मंगल पांडेय ने पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण एवं दोषियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों छात्रों के हित में लिया गया एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी फैसला बताया है।

पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए अब किसी प्रकार की ढिलाई या संरक्षण नहीं होगा। सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

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