जयपुर
जयपुर में समेत राजस्थान के बड़े शहरों में किराए पर मकान देकर पैसे कमाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन जयपुर में अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखे तो मकान मालिक को जेल जाना पड़ सकता है. जयपुर पुलिस ने इस मामले में सख्त हिदायत दी है. पुलिस का कहना है कि किरायेदार रखने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं. दरअसल, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बाहरी राज्य के अपराधी जयपुर में अपनी पहचान छिपाकर फरारी काट रहे हैं. ऐसे में जाने-अनजाने में मकान मालिक ऐसे अपराधियों का सहयोग कर रहे हैं. ऐसे में पुलिस वेरिफिकेशन का मुद्दा काफी चर्चाओं में है.
जयपुर में बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के किरायदार रखना आपको दुविधा में डाल सकता है. नियमानुसार किरायदार रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफ़िकेशन करवाना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए राज कॉप पुलिस सिटीज़न ऐप या संबंधित स्थानीय थाने में इसकी सूचना देना अनिवार्य है. लेकिन इसकी पालना धरातल पर नहीं हो रही. इसी का फ़ायदा अपराधी उठा रहे हैं.
मकान मालिक पर BNS 188 के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि पुलिस वेरिफ़िकेशन के दौरान किराएदार का नाम पता घर का एड्रेस पूरा बैकग्राउंड यहां तक कि आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में भी जानकारी मिल जाती है. लेकिन मकान मालिक द्वारा यह लापरवाही की जा रही है उधर पुलिस का कहना है कि बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन किये बिना मकान देने पर मकान मालिक पर BNS 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
जयपुर में पहले भी हो चुकी है घटना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ऐसे कई अपराधी है जो बिना वेरिफ़िकेशन के जयपुर में रह रहे हैं और उनका मक़सद जयपुर में वारदात करना है. पिछले दिनों बिंदायका थाना पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग से जुड़े कुछ शूटर को गिरफ़्तार किया था. वह बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के रह रहे थे तो वहीं जवाहर सर्किल में प्रेगनेंट महिला से छेड़छाड़ का आरोपी राहुल भी बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के अपनी पहचान छुपाकर किराये के मकान में रह रहा था. वहीं आतंकी खरगोश भी जयसिंह पुरा खोर इलाक़े में एक साल तक जयपुर में रहा वह सहजाद नाम से यहां पर रहा और उसका पुलिस वेरिफ़िकेशन नहीं करवाया गया था. वहीं दो दिन पहले वैशाली थाना पुलिस ने आरोपी अबू-बकर को गिरफ़्तार किया था जो म्यांमार का रहने वाला है, और बिना पुलिस वेरिफ़िकेशन के रह रहा था.
इन सभी मामलों में मकान मालिक की लापरवाही सामने आयी इसके लिए अब जयपुर में पुलिस वेरीफिकेशन करवाना अनिवार्य कर दिया. अगर किरादार ने कोई बड़ी वारदात की तो इसकी ज़िम्मेदारी मकान मालिक की रहेगी पुलिस मकान मालिक पर भी एक्शन लेगी.



