रायपुर। कोल घोटाला मामले में EOW ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने प्रदेश के अलग अलग जिलों में कोल लेवी वसूली करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए पांचों आरोपी जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के साथ काम करते थे। EOW ने सभी को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया है, जहां से सभी को 5 दिन यानी 22 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
कोल लेवी का करते थे काम
EOW ने इन सभी आरोपियों को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया और 14 दिन की रिमांड मांगी गई। इसके बाद कोर्ट ने पांचों आरोपियों को 5 दिन की रिमांड पर सौंप दिया है। अब आरोपियों से 22 जून तक पूछताछ होगी। जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें मोइनुद्दीन कुरैशी, रोशन कुमार सिंह, पारेख कुमार कुर्रे, राहुल कुमार सिंह और मोंटू उर्फ वीरेंद्र कुमार जायसवाल शामिल हैं। ये सभी लोग रायपुर, कोरबा, सूरजपुर और रायपुर में रहकर गैंग के लिए कोल लेवी का काम करते थे।
बिलासपुर और कोरबा के कारोबारी से EOW कर रही पूछताछ
छत्तीसगढ़ में 570 करोड़ के कोल लेवी वसूली मामले में EOW की टीम ह 2 आरोपियों से पूछताछ कर रही है। 13 जून को EOW ने बिलासपुर और कोरबा के दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को 14 जून को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश कर 20 जून तक पूछताछ के लिए रिमांड लिया गया है।
अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ED की रेड में सामने आया था। कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था।
इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। जो व्यापारी 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा करता था उसे ही खनिज विभाग पीट पास और परिवहन पास जारी करता था। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड रुपए की वसूली की गई।
वहीं दूसरी ओर कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, निलंबित IAS समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया को भी कोर्ट में पेश किया गया। इन सभी की न्यायिक रिमांड आज खत्म हो गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फिर 1 जुलाई तक सभी को जेल भेज दिया है।



