रायपुर। छत्तीसगढ़ में शक्कर कारोबार से जुड़ा एक बड़ा कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। राजधानी रायपुर और सरगुजा संभाग के कई व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि शक्कर सप्लाई के नाम पर करोड़ों रुपये का माल उधार में लेने के बाद भुगतान नहीं किया गया। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 8 से अधिक कारोबारी इस कथित धोखाधड़ी से प्रभावित हुए हैं और बकाया राशि 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पिता-पुत्र पर लगे गंभीर आरोप
मामले में रायगढ़ निवासी कारोबारी राजेश अग्रवाल और उसके बेटे को आरोपी बनाया गया है। खमतराई थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपियों ने विभिन्न व्यापारियों से बड़े पैमाने पर शक्कर खरीदी और भुगतान का आश्वासन दिया। कारोबारियों का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बावजूद रकम का भुगतान नहीं किया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारी यूनियन के जरिए बनाया भरोसे का नेटवर्क
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों ने व्यापारियों का विश्वास जीतने के लिए ‘छग-ओडिशा-MP शुगर व्यापारी यूनियन’ नाम से एक नेटवर्क तैयार किया था। इस मंच के जरिए छत्तीसगढ़, ओडिशा और मध्यप्रदेश के व्यापारियों से संपर्क स्थापित किया गया। धीरे-धीरे व्यापारिक संबंध मजबूत किए गए और भरोसा कायम होने के बाद बड़े पैमाने पर शक्कर का कारोबार शुरू किया गया।
कारोबारियों का आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर लाखों-करोड़ों रुपये का माल उधार में लिया गया और बाद में भुगतान टालते रहे।
रायपुर के होटल में हुई थी बैठक
जानकारी के मुताबिक रायपुर के रामसागरपारा स्थित एक होटल में शक्कर कारोबारियों की बैठक भी आयोजित की गई थी। इस बैठक में व्यापार विस्तार, सप्लाई व्यवस्था और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई थी। व्यापारियों का आरोप है कि इसी बैठक के दौरान भरोसे का माहौल बनाकर बड़े स्तर पर व्यापारिक लेन-देन की नींव रखी गई।
बताया जा रहा है कि बैठक के बाद कई व्यापारियों ने आरोपियों को उधार में शक्कर सप्लाई की, लेकिन बाद में भुगतान नहीं मिला।
8 से अधिक व्यापारी हुए प्रभावित
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रायपुर और सरगुजा संभाग के 8 से अधिक कारोबारी इस कथित धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। प्रभावित व्यापारियों के अनुसार कुल बकाया राशि 2 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
आर्थिक दस्तावेजों की जांच शुरू
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजेक्शन, भुगतान रिकॉर्ड, व्यापारिक दस्तावेज और अन्य वित्तीय जानकारियों की पड़ताल की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित धोखाधड़ी में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों में नाराजगी
मामले के सामने आने के बाद शक्कर कारोबार से जुड़े व्यापारियों में नाराजगी है। प्रभावित कारोबारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बकाया राशि की वसूली की मांग की है। वहीं इस घटना ने व्यापारिक लेन-देन में सतर्कता और विश्वसनीयता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



