छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में बड़ा बदलाव: 700 करोड़ का कर्ज खत्म, अब सड़क-पुल और स्टेडियम निर्माण में भी बढ़ेगी भूमिका..

रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क, पुल-पुलिया, स्टेडियम, सार्वजनिक भवन और शहरी पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं में भी अपनी भागीदारी बढ़ाएगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला में यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंडल को आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित संस्था बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक निर्माण तकनीक, वित्तीय प्रबंधन, संपदा प्रबंधन, टाउन प्लानिंग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त

मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से मंडल की लगभग 700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त की गई है। अब मंडल को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उसकी तकनीकी क्षमता का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मंडल के पास अनुभवी अभियंताओं और तकनीकी अधिकारियों का बड़ा मानव संसाधन है। इस विशेषज्ञता का उपयोग आवास निर्माण के अलावा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं में भी किया जाना चाहिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर वित्तीय प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और समयबद्ध निर्माण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

मंत्री ने अधिकारियों को अन्य राज्यों की निविदाओं में भी भागीदारी के अवसर तलाशने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवासीय परियोजनाओं में वास्तविक मांग, निर्माण गुणवत्ता, वित्तीय व्यवहार्यता और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जानी चाहिए।

अधिनियम संशोधन से बढ़ा मंडल का कार्यक्षेत्र

मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित अधिनियम संशोधन के माध्यम से मंडल के नाम और कार्यक्षेत्र का विस्तार किया गया है। अब संस्था आवास निर्माण के साथ नगर विकास और विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं में भी अपनी भूमिका बढ़ा सकेगी।

उन्होंने कहा कि ओटीएस योजना और प्रभावी विपणन प्रयासों के माध्यम से लंबे समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है। बकायादारों को राहत देने के लिए विलंबित अवधि की ब्याज राशि में 50 प्रतिशत और जलकर पर भारित सरचार्ज में भी 50 प्रतिशत छूट दी जा रही है।

अध्यक्ष ने अधिकारियों को बकाया राशि की वसूली तेज करने और शून्य बकाया राशि के लक्ष्य की दिशा में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।

PPP मॉडल से विकसित होंगी नई परियोजनाएं

मंडल की वित्तीय क्षमता बढ़ाने और अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), टाउन प्लानिंग स्कीम और पुनर्विकास जैसे मॉडल अपनाने पर जोर दिया गया।

नई आवासीय योजनाओं में भवन निर्माण के साथ उद्यान, बाजार, सामुदायिक सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंडल का लक्ष्य प्रदेश के सभी 33 जिलों में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं से युक्त व्यवस्थित और आधुनिक आवासीय परिसर उपलब्ध कराना है।

AI और आधुनिक निर्माण तकनीक पर मिला प्रशिक्षण

राज्य स्तरीय कार्यशाला में आईआईएम रायपुर, आईआईआईटी नवा रायपुर और एनआईटी रायपुर के विशेषज्ञों ने अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया।

आईआईएम रायपुर: निदेशक डॉ. संजीव पाराशर ने सुशासन, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी प्रशासनिक प्रबंधन पर विचार साझा किए।

आईआईआईटी नवा रायपुर: प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास के.जी. ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।

एनआईटी रायपुर: प्रोफेसर डॉ. जी.डी. रामटेकर ने स्ट्रक्चरल डिजाइन, आरसीसी संरचनाओं की मजबूती और आधुनिक निर्माण तकनीकों पर मार्गदर्शन दिया।

इसके अलावा वित्तीय जोखिम प्रबंधन, संपदा प्रबंधन, परियोजना विपणन और तकनीकी दक्षता से जुड़े विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने कहा कि बदलती तकनीक और अधोसंरचना विकास की जरूरतों के अनुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियों का क्षमता विकास जरूरी है। प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने में किया जाना चाहिए।

कार्यशाला में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कर्मचारी उपस्थित रहे।

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