सरगुजा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय, केशवपुर में निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के कथित दुरुपयोग के मामले में पुलिस ने जनपद पंचायत के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) समेत 9 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के आदेश पर की गई है।
तीन निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत हुई थी राशि
दर्ज शिकायत के अनुसार, विद्यालय परिसर में तीन निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए DMF मद से कुल 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे।
इनमें गार्डन सौंदर्यीकरण और सीसी रोड निर्माण के लिए 33.24 लाख रुपये, प्रधान पाठक कक्ष, प्रसाधन एवं अहाता निर्माण के लिए 49.57 लाख रुपये तथा प्रवेश द्वार और पार्किंग शेड निर्माण के लिए 49.52 लाख रुपये शामिल थे।
फर्जी बिल और दस्तावेजों से भुगतान का आरोप
अंबिकापुर निवासी अभय नारायण पाण्डेय ने इस मामले में न्यायालय में परिवाद दायर किया था। शिकायत के मुताबिक, जेम (GeM) पोर्टल पर कथित तौर पर फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर आवश्यक प्रशासकीय स्वीकृति और निर्धारित प्रक्रिया के बिना बिल-वाउचर एवं मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार किए गए।
आरोप है कि 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन को आरटीजीएस के माध्यम से 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान किया गया।
जांच में मौके पर नहीं मिले निर्माण कार्य
मामले में कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को मौके का निरीक्षण किया था। शिकायत और दर्ज एफआईआर के अनुसार, जांच के दौरान संबंधित निर्माण कार्य मौके पर नहीं पाए गए। इसके बाद मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल उठे।
पूर्व CEO समेत 9 के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने तत्कालीन जनपद पंचायत अंबिकापुर के CEO सुरेश्वर नाथ तिवारी सहित विवेक प्रताप सिंह राठौर, उपेन्द्र सिंह सेंगर, शैलेन्द्र मिश्रा, राम प्रकाश यादव, इम्तियाज सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रेक्टर एंड सप्लायर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है।
मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-B और 34 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने शुरू की विवेचना
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित आपराधिक साजिश के जरिए सरकारी राशि का दुरुपयोग कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



