रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिए 23 अधिवक्ताओं को पैनल लॉयर नियुक्त किया है। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर से आदेश जारी किया गया है। सभी नियुक्त अधिवक्ताओं का कार्यकाल दो वर्ष का होगा।
इस नियुक्ति के बाद संबंधित अधिवक्ता हाईकोर्ट में राज्य सरकार से जुड़े विभिन्न न्यायिक मामलों में शासन का पक्ष प्रस्तुत करेंगे। आदेश में नियुक्ति की अवधि, फीस और अधिवक्ताओं के कर्तव्यों एवं दायित्वों को लेकर प्रावधान भी निर्धारित किए गए हैं।
दो साल का होगा कार्यकाल
विधि एवं विधायी कार्य विभाग के आदेश के अनुसार, सभी 23 पैनल लॉयर की नियुक्ति दो वर्ष के लिए की गई है। उनका कार्यकाल नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख से नहीं, बल्कि संबंधित अधिवक्ता के कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से शुरू होगा।
नियुक्त अधिवक्ताओं को उनके कार्य के लिए शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार फीस का भुगतान किया जाएगा। उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियां छत्तीसगढ़ विधि विभाग मैनुअल के संबंधित प्रावधानों के अनुरूप निर्धारित होंगी।
हाईकोर्ट में सरकार की ओर से करेंगे पैरवी
नियुक्त पैनल लॉयर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में राज्य शासन से जुड़े न्यायिक मामलों में पैरवी करेंगे। उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित प्रकरणों में शासन का पक्ष प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
उनकी भूमिका में न्यायालय के समक्ष विधिक पक्ष रखना, आवश्यक दस्तावेज और तथ्य प्रस्तुत करना तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाना शामिल होगा।
सरकारी मामलों की पैरवी को मिलेगा सहयोग
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक मामले विचाराधीन रहते हैं। ऐसे मामलों में शासन का पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए पैनल अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
23 नए पैनल लॉयर की नियुक्ति से राज्य शासन को न्यायालयीन मामलों की पैरवी के लिए अतिरिक्त विधिक सहयोग मिलेगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रत्येक अधिवक्ता को किन विभागों या विशिष्ट मामलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
नोट: नियुक्त किए गए सभी 23 अधिवक्ताओं के नामों की सूची देखने के लिए विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश देखें।




