रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडलम की मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी कर दी गई। एक स्टूडेंट को मेरिट लिस्ट में तीसरे नंबर पर रखा गया, लेकिन पड़ताल हुई तो पता चला कि उसने परीक्षा ही नहीं दी थी। इस मामले में सरकार ने मंडल की सचिव अलका दानी को हटा दिया गया है। प्रतिनियिुक्ति पर आई दानी को स्कूल शिक्षा विभाग में वापस भेज दिया गया है। दानी को हायर सेकेंडरी स्कूल गरियाबंद स्थानांतरित कर दिया गया है। उनके स्थान पर राकेश पांडेय को मंडल का सचिव बनाया गया है। पांडेय स्कूल शिक्षा संभाग रायपुर के संयुक्त संचालक हैं। पांडेय इस पद पर बने रहे हैं।
वहीं परीक्षा प्रभारी असिस्टेंट डायरेक्टर लक्ष्मण प्रसाद साहू को सस्पेंड कर दिए गए। साथ ही, क्लर्क लेवल के दो कर्मचारियों को संस्कृत बोर्ड से सीधे ही बर्खास्त कर दिया गया है।
दानी के साथ ही सरकार ने मंडल के परीक्षा प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद साहू को निलंबित कर दिया है। सरकार की तरफ से इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि गलत अस्थायी मेरिट सूची जारी किए जाने के कारण सूची निरस्त करना पड़ा है। इससे सरकार की छवि धूमिल हुई है। इसी वजह से साहू को निलंबित कर दिया गया है। साहू का मूल पद व्याख्याता है। सरकार ने मंडल के एक कम्पयूटर ऑपरेटर संतोष ठाकुर और लिपिक परमेश्वर दयाल चौबे को बर्खास्त कर दिया है।
15 मई को 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी किया। रिजल्ट के साथ ही दोनों कक्षाओं की अस्थायी मेरिट सूची भी जारी की गई। गड़बड़ी 10वीं की मेरिट सूची में पकड़ में आई है। इस सूची में तीसरे नंबर पर खरसियां (रायगढ़) के दीपांशु संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा का नाम है। कुल 83.71 अंक प्राप्त हुआ है, जबकि वह परीक्षा में शामिल ही नहीं हुई है।
उच्चस्तरीय जांच कमेटी बनाई, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
इस कार्रवाई के अलावा शिक्षा मंत्री ने संस्कृत विद्यामंडल की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी सभी मामलों की जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी सौंपेगी। इस रिपोर्ट के दायरे में जितने भी अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी माना जाएगा, उनके खिलाफ भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।



