बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक महिला सरपंच द्वारा कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने आया है। गुंडरदेही ब्लॉक की ग्राम पंचायत सियनमरा की सरपंच मंजू महिलांग (साहू) ने कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक दबाव से परेशान होकर यह कदम उठाया। घटना 31 अक्टूबर की रात सनौद थाना क्षेत्र की है। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
महिला सरपंच ने पंचायत के उपसरपंच और कुछ पंचों पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और पद छोड़ने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
छह महीने पहले उपचुनाव में बनी थीं सरपंच
जानकारी के अनुसार, मंजू महिलांग करीब छह महीने पहले ग्राम पंचायत सियनमरा में हुए उपचुनाव में सरपंच निर्वाचित हुई थीं। उनका आरोप है कि सरपंच बनने के बाद से ही पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका विरोध किया जा रहा था।
महिला सरपंच के मुताबिक, उन्हें पंचायत में सम्मानजनक व्यवहार नहीं मिलता था। यहां तक कि पंचायत कार्यालय में सरपंच की कुर्सी पर बैठने को लेकर भी कथित तौर पर आपत्ति जताई जाती थी। उन्होंने जाति के आधार पर अपमानित करने और पद छोड़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
3.50 लाख रुपये के पुराने कर्ज को लेकर विवाद
मामले में पंचायत के पुराने कर्ज का मुद्दा भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पूर्व सरपंच के कार्यकाल में पंचायत पर करीब 3 लाख 50 हजार रुपये का कर्ज बकाया था। मंजू महिलांग का आरोप है कि इस राशि को चुकाने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
हालांकि, पंचायत पर बकाया राशि की वास्तविक स्थिति और उसके भुगतान की जिम्मेदारी किसकी है, यह जांच का विषय है। इसके लिए पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल जरूरी होगी।
जातिगत अपमान और पद छोड़ने के दबाव का आरोप
महिला सरपंच ने आरोप लगाया है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें पंचायत में उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा था। उनके अनुसार, जातिगत आधार पर अपमानित करने और सरपंच पद छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर दर्ज किया बयान
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सनौद थाना प्रभारी सोनसिंह सोरी के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची थी, लेकिन महिला के घर पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद जिला अस्पताल में महिला सरपंच का बयान दर्ज किया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। संबंधित लोगों से पूछताछ और पंचायत के वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने पंचायतों में महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान, अधिकारों और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



