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हरियाणा में ₹222 करोड़ से बनेगा नया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, दिल्ली बॉर्डर के पास चल रही तैयारी

झज्जर.

वीरों की भूमि झज्जर अब खेल जगत के वैश्विक मानचित्र पर एक नया और स्वर्णिम अध्याय लिखने जा रही है। दिल्ली सीमा से सटे बादली क्षेत्र के ऐतिहासिक लोहट गांव में क्षेत्र के बड़े और अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य तेजी से आरंभ हो गया है।

हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) द्वारा 222.20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर क्षेत्र के खेल बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल देगी। ऐसी संभावनाएं प्रतीत हो रही है। दिल्ली से महज कुछ दूरी पर स्थित स्टेडियम हरियाणा का दूसरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा, जो अपने विशाल आकार और विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाओं के मामले में सबसे अग्रणी रहेगा।

50 हजार दर्शक क्षमता और विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं
लगभग 222.20 करोड़ रुपये की लागत से आकार ले रहे इस भव्य स्टेडियम में एक साथ 50 हजार दर्शकों के बैठने की विशाल क्षमता होगी। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों की जरूरतों को बारीकी से ध्यान में रखते हुए यहां अत्याधुनिक फ्लडलाइट्स की व्यवस्था की जा रही है, जिससे दूधिया रोशनी में डे-नाइट मैचों का रोमांचक आयोजन निर्बाध रूप से संभव हो सकेगा। इस खेल परिसर में 11 अत्याधुनिक मुख्य क्रिकेट पिच, दो उन्नत अभ्यास मैदान, एक विश्वस्तरीय क्रिकेट अकादमी, खिलाड़ियों के ठहरने के लिए आधुनिक हॉस्टल, एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स क्लब, स्विमिंग पूल और 30 कॉर्पोरेट बॉक्स जैसी नायाब सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और खेल के नए द्वार
मेगा प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से हरियाणा के प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटरों को प्रशिक्षण और बेहतर मौकों के लिए बड़े महानगरों की ओर पलायन करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। स्टेडियम के साथ विकसित होने वाली आधुनिक क्रिकेट अकादमी स्थानीय उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। इसके साथ ही कोचिंग, फिटनेस, खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों में क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्टेडियम में आईपीएल, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और प्रतिष्ठित घरेलू चैंपियनशिप के आयोजन से झज्जर जिला स्थापित ''स्पोर्ट्स हब'' बन जाएगा, जिससे क्षेत्र में खेल पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

रणनीतिक कनेक्टिविटी बनी इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत
लोहट गांव का इस परियोजना के लिए चयन महज एक संयोग नहीं, बल्कि एक बेहद दूरदर्शी और रणनीतिक निर्णय है। यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-352), बहादुरगढ़-झज्जर रोड और बादली-गुरुग्राम मार्ग से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से इसकी सहज और निर्बाध कनेक्टिविटी देश-विदेश के खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों के लिए यहां पहुंचना बेहद आसान बनाती है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए एक आदर्श और सुरक्षित ठिकाना बनाती है।

शौर्य, पराक्रम और दानवीरता की अनूठी विरासत 
महज दो हजार की आबादी और 1300 मतदाताओं वाला लोहट गांव केवल अपनी खेल संस्कृति ही नहीं, बल्कि अपने स्वर्णिम ऐतिहासिक अतीत और वीरता के लिए भी पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। आजाद हिंद फौज के वीर सेनानी स्वर्गीय ज्वाला सिंह और लहरी सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की रक्षा के लिए अदम्य पराक्रम दिखाया, तो वहीं रामजीलाल ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में असाधारण बहादुरी का परिचय दिया। अंग्रेजों के शासनकाल में भी इस माटी के सपूतों को विशिष्ट सम्मान मिल चुके हैं। यह पावन भूमि केवल वीरों की ही नहीं, बल्कि दानियों और संतों की भी रही है। गांव के महान दानवीर मोटा सिंह ने ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण के लिए अपनी 14 एकड़ उपजाऊ भूमि दान दे दी थी। इसके अलावा, गांव में स्थित ऐतिहासिक केसरमल बावरी मंदिर, वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना प्राचीन शिव मंदिर और बाबा सैयद के दरबार में ग्रामीणों की गहरी आस्था है, जहां विशेष अवसरों पर भव्य मेलों का आयोजन होता है।

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