छत्तीसगढ़

CG News: IIM रायपुर में पंजीयन विभाग की कार्यशाला संपन्न, छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक नवाचारों को मिलेगी वैश्विक पहचान..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों और सुशासन की दिशा में किए जा रहे नवाचारों को अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर में पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई।

14 और 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यशाला में विभागीय सुधारों, प्रशासनिक चुनौतियों और उनके समाधान से जुड़े अनुभवों को केस स्टडी के रूप में तैयार करने तथा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित कराने का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशासनिक नवाचारों को मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा सेवाओं को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए विभिन्न सुधार किए जा रहे हैं।

अब इन सुधारों से जुड़े अनुभवों और उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में अपनाई गई सफल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को देश-दुनिया के शिक्षाविदों, शोधार्थियों, प्रशासकों और नीति-निर्माताओं तक पहुंचाना है।

केस स्टडी लेखन और शोध का दिया गया प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान IIM रायपुर के विशेषज्ञों ने अधिकारियों को केस स्टडी तैयार करने की प्रक्रिया समझाई। इसमें विषय चयन, तथ्यों का संकलन, साक्षात्कार, विश्लेषणात्मक लेखन और प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने जैसे विषय शामिल रहे।

इसके अलावा प्रतिभागियों को टीचिंग नोट तैयार करने, उपयुक्त अकादमिक जर्नल चुनने और शोध सामग्री के प्रकाशन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

IIM रायपुर के विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

कार्यशाला में पंजीयन विभाग के डीआईजी मदन लाल कोर्पे और डीआईजी उषा साहू सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

IIM रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पाराशर, कार्यक्रम निदेशक प्रो. प्रणित कुमार रॉय, प्रो. सत्यसिबा दास, प्रो. मनोजीत चट्टोपाध्याय, प्रो. अर्चना पाराशर और प्रो. आर.के. जना सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण सत्रों में मार्गदर्शन दिया।

भविष्य में प्रशासनिक सुधारों को मिलेगा लाभ

विभागीय नवाचारों और उनके क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों को केस स्टडी के रूप में तैयार करने से भविष्य में अधिकारियों के प्रशिक्षण, नीति निर्माण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार के लिए उपयोगी सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

कार्यशाला के समापन पर पंजीयन विभाग के डीआईजी मदन लाल कोर्पे, IIM रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज प्रो. संजीव पाराशर और कार्यक्रम निदेशक प्रो. प्रणित कुमार रॉय ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए।

यह पहल छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अनुभवों को अकादमिक जगत से जोड़ने और सुशासन के नवाचारों को व्यापक स्तर पर साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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