बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारतमाला रोड पर कार के नीचे मिली युवक की लाश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 24 जून की रात सकरी निवासी 26 वर्षीय अरविंद सिंह लोधी का शव सड़क पर मिला था। शुरुआत में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि युवक की हत्या की गई थी और वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को सड़क पर फेंका गया था।
शराब पार्टी के बाद हुआ विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, अरविंद का आरोपियों से ट्रक के लेन-देन को लेकर पुराना विवाद था। घटना वाली रात शराब पार्टी के दौरान इसी बात को लेकर गाली-गलौज और विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर हेमंत सिंह ठाकुर और उसके साथी ने अरविंद की जमकर पिटाई कर दी।
मारपीट में गंभीर रूप से घायल अरविंद की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को कार से घसीटकर हाईवे पर फेंक दिया, ताकि पुलिस को मामला हिट एंड रन या सड़क दुर्घटना का लगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गहराया शक
शुरुआत में पुलिस ने दुर्घटना मानते हुए धारा 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, अकलतरा टीआई जय कुमार साहू और कोटमीसोनार चौकी प्रभारी विनोद जाटवर को जांच के दौरान घटना की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं।
पुलिस ने क्राइम सीन का रिक्रिएशन कराया तो हादसे की कहानी पूरी तरह मेल नहीं खाई। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर लात-घूंसों से चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
जांच के दौरान पुलिस ने दीनदयाल कॉलोनी निवासी हेमंत सिंह ठाकुर (23), पिता गोविंद सिंह ठाकुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथी के साथ मिलकर अरविंद की पिटाई करने और उसकी मौत के बाद शव को हाईवे पर फेंकने की बात स्वीकार की।
मामले में पुलिस ने हत्या की पुष्टि के बाद दुर्घटना की धारा हटाकर बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) जोड़ी है। वारदात में इस्तेमाल कार क्रमांक CG 10 BP 9060 को भी जब्त कर लिया गया है।
एक आरोपी गिरफ्तार, साथी फरार
पुलिस ने आरोपी हेमंत सिंह ठाकुर को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, वारदात में शामिल उसका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
इस खुलासे के बाद साफ हो गया कि भारतमाला रोड पर मिली अरविंद की लाश किसी सड़क दुर्घटना का नतीजा नहीं थी, बल्कि पुराने विवाद के चलते की गई हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी।



