अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में साइबर ठगी के एक मामले की जांच को लेकर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि केस में धाराएं कम करने और जल्द चालान पेश करने के बदले 1 करोड़ रुपए की मांग की गई। मामले में सामने आए कथित ऑडियो और वीडियो के बाद पुलिस ने ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को निलंबित कर दिया है।
20 लाख की साइबर ठगी से जुड़ा मामला
शिकायतकर्ता रवि मोहन गोस्वामी के मुताबिक उन्होंने मनी ट्रेड 365 और स्काई ट्रेड एप के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में 84 किश्तों में करीब 20.15 लाख रुपए निवेश किए थे। एप बंद होने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद अंबिकापुर रेंज साइबर थाने में BNS की धारा 318(4), 3(5) और IT Act की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया।
23 आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की जांच पुलिस अधिकारियों की टीम ने की। जांच के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से 23 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी बीच आरोपी पक्ष की ओर से पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए।
एक करोड़ रुपए मांगने का आरोप
आरोप है कि केस में धाराएं कम करने और जल्द चालान पेश करने के बदले दो किस्तों में 50-50 लाख रुपए, यानी कुल एक करोड़ रुपए हवाला के जरिए मांगने की बातचीत हुई। आरक्षक अंशुल शर्मा पर भी अलग से रुपए मांगने का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, एक करोड़ रुपए के लेनदेन के आरोप की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत अभी सामने नहीं आया है। आईजी दीपक कुमार झा ने भी कहा है कि आरोपों की जांच की जा रही है।
कथित ऑडियो-वीडियो के बाद कार्रवाई
मामले से जुड़े कथित ऑडियो और वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ASI और आरक्षक को निलंबित कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे विभागीय कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर FIR भी दर्ज की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस पर लगाए गए एक करोड़ रुपए की मांग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कथित ऑडियो, वीडियो, लेनदेन और संबंधित लोगों के बयानों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मुख्य बात: साइबर ठगी की जांच से जुड़े इस मामले में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन रिश्वत की रकम के लेनदेन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।



