भोपाल
दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव पैंगोलिन के अवैध शिकार, उसके शल्कों की तस्करी एवं अवैध व्यापार से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई के तहत जिला एवं सत्र न्यायालय, जबलपुर ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रकरण में आरोपी देवीदीन उर्फ देवा विश्वकर्मा (निवासी ग्राम रैपुरा, जिला डिंडौरी) के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (यथा संशोधित 2022) तथा भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान माननीय षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता एवं प्रकृति को देखते हुए यह माना कि आरोपी के निर्दोष होने का विश्वास करने का कोई आधार नहीं है। इसके बाद बीएनएसएस की धारा 483 के तहत आरोपी की नियमित जमानत याचिका निरस्त कर दी गई। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) की क्षेत्रीय इकाई, जबलपुर द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 8 जून 2026 को खमतरा-ढीमरखेड़ा रोड (झिन्ना पिपरिया) के पास घेराबंदी कर चार व्यक्तियों को पकड़ा गया था। कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से लगभग पांच किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क, एक चार पहिया वाहन तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की गई थी। आरोपियों के पास से वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के अवशेष भी बरामद किए गए थे। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार एवं तस्करी के विरुद्ध उसकी सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।



