पंचकूला
हरियाणा भाजपा में नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि समसामयिक विषयों और समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई तथा संगठन महामंत्री व केंद्रीय मंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इससे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी बीएल संतोष से मिलकर संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा कर चुकी हैं। दोनों मुलाकातों को नई कार्यकारिणी के गठन की अंतिम तैयारियों, राज्य में एसआइआर अभियान की प्रगति, भविष्य की कार्ययोजना तथा छात्रों के आंदोलन की राज्य में स्थिति पर हुई चर्चा के रूप में जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार नई प्रदेश कार्यकारिणी की सूची किसी भी समय जारी हो सकती है। संभावित नामों का पैनल तैयार है और अब केंद्रीय नेतृत्व अंतिम मंथन कर रहा है। पार्टी इस बार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ युवाओं व महिलाओं को अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रही है।
महामंत्रियों की संख्या में बढ़ोतरी करने की तैयारी
यही वजह है कि प्रदेश उपाध्यक्षों और महामंत्रियों की संख्या मौजूदा कार्यकारिणी की तुलना में बढ़ाई जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक महामंत्रियों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ तक किए जाने पर भी विचार चल रहा है। अभी तक भाजपा में तीन प्रदेश महामंत्री होते हैं। खुद अर्चना गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले प्रदेश महामंत्री थी।
कई नए चेहरों को प्रदेश कमेटी में जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जबकि कुछ मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल व स्तर दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। नई कार्यकारिणी पर चर्चा के लिए प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता और बीएल संतोष के बीच भाजपा मुख्यालय में करीब एक घंटे तक बैठक हुई।
इससे एक दिन पहले नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में वरिष्ठ नेताओं की छोटी टोली की बैठक में भी संभावित नामों पर मंथन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के भी शामिल होने की जानकारी मिली है।
केंद्रीय नेतृत्व के बीच होगी चर्चा
भाजपा सूत्रों का कहना है कि अंतिम सूची पर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच एक और दौर की चर्चा हो सकती है। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कार्यकारिणी केवल संगठन का विस्तार नहीं होगी, बल्कि 2029 के विधानसभा चुनाव और आगामी संगठनात्मक अभियानों को ध्यान में रखते हुए भाजपा की नई राजनीतिक रणनीति की झलक भी देगी।



