रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन आज साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सदन में प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष सरकार के कामकाज, योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों पर विस्तृत बहस करेंगे।
राज्य गठन के बाद यह किसी भी सरकार के खिलाफ लाया गया 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। हालांकि अब तक विधानसभा में पेश हुए सभी अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के अभाव में गिर चुके हैं और किसी भी सरकार को सत्ता से हटाने में सफल नहीं हो सके।
इस बार कांग्रेस नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फैसलों को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा सरकार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों को सदन में रखेगी।
विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के 1 विधायक हैं। ऐसे में संख्या बल सरकार के पक्ष में है, इसलिए राजनीतिक बहस अहम मानी जा रही है, जबकि सरकार पर किसी तत्काल खतरे की संभावना नहीं है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में सबसे लंबी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा साल 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार के खिलाफ हुई थी, जो 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी।
मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल में भी कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इनमें धान खरीदी, राशन व्यवस्था, महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, खाद्य वितरण और सहकारिता विभाग से जुड़े सवाल प्रमुख रहेंगे।



